सरकारी खर्च पर प्रायवेट अस्पताल में इलाज के लिए नया नियम, अनदेखी करने पर रिजेक्ट हो सकता है क्लेम

सरकारी खर्च पर प्रायवेट अस्पताल में इलाज के लिए नया नियम, अनदेखी करने पर रिजेक्ट हो सकता है क्लेम

सरकारी खर्च पर प्रायवेट अस्पताल में इलाज के लिए नया नियम, अनदेखी करने पर रिजेक्ट हो सकता है क्लेम
Modified Date: November 29, 2022 / 08:06 pm IST
Published Date: February 13, 2020 1:47 am IST

रायपुर। मरीजों के लिए सरकारी अस्पताल से रिफरल पर्ची लाने की जिम्मेदारी भी प्राइवेट अस्पतालों की होगी। स्वास्थ्य विभाग के नए आदेश के अनुसार अगर मरीज प्राइवेट अस्पताल इलाज करवाने आता है तो अस्पतालों को इलाज के साथ सरकारी अस्पताल से रिफरल पर्ची भी लाना होगा। जिसमें अस्पताल प्रबंधन द्वारा अस्पताल में इलाज संभव नहीं लिखा होना चाहिए। तभी अस्पताल को शासकीय योजना के तरह पैसा मिलेगा।

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प्राइवेट अस्पताल अगर ऐसा नहीं करते तो उनका भेजा गया क्लेम रिजेक्ट हो जाएगा। व्यवस्था क्रीटिकल केस यानि आपरेशन के लिए लागू होगी। प्राइवेट अस्पतालों का कहना है कि विभाग इस तरह के आदेश निकालकर प्राइवेट अस्पतालों को समाप्त करने की कोशिश कर रहा है।

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हॉस्पिटल बोर्ड और आईएमए इस आदेश का विरोध करने की तैयारी कर रहे हैं। प्राइवेट हॉस्पिटल बोर्ड के अध्यक्ष डा. राकेश गुप्ता का कहना है कि अस्पताल में आए मरीज का इलाज तो करना होगा लेकिन रिफरल पर्ची नहीं मिलने पर इलाज का भुगतान मरीज को ही करना होगा।


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