सक्ती: Fake Photo Upload Link: छत्तीसगढ़ के सक्ती नगर से एक और साइबर ठगी का मामला सामने आया है जहां एक युवती फोटो अपलोड करने के बहाने भेजे गए फर्जी लिंक पर क्लिक करने से अपने बैंक खातों से 83 हजार रुपये गंवा बैठी। पीड़ित युवती ने इस घटना की शिकायत सक्ती थाना में दर्ज कराई है जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
Fake Photo Upload Link: मिली जानकारी के अनुसार उन्नति अग्रवाल को एक अनजान लिंक भेजा गया जिसमें लिखा था कि इस लिंक पर क्लिक कर फोटो अपलोड करें। जैसे ही युवती ने लिंक पर क्लिक किया, कुछ ही क्षणों में उसके दो अलग-अलग बैंक खातों से कुल 83 हजार रुपये कट गए। जब खाते से पैसे उड़ने की सूचना मिली तो वह हतप्रभ रह गई और तत्काल थाने जाकर शिकायत दर्ज कराई।
Fake Photo Upload Link: सक्ति थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ साइबर अपराध की धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है और तकनीकी जांच के साथ-साथ लिंक की ट्रेसिंग भी शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह फर्जी लिंक कहां से भेजा गया था और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।
"फर्जी लिंक" एक ऐसा नकली वेब लिंक होता है जो असली वेबसाइट जैसा दिखता है लेकिन ठगी के लिए बनाया जाता है। इससे बचने के लिए केवल विश्वसनीय स्रोतों से मिले लिंक पर ही क्लिक करें और किसी भी अनजान लिंक पर जानकारी न दें।
अगर किसी ने फर्जी लिंक पर क्लिक कर लिया है तो क्या करना चाहिए?
अगर आपने "फर्जी लिंक" पर क्लिक कर लिया है और कोई लेन-देन हुआ है, तो तुरंत बैंक को सूचित करें, अपने खाते को फ्रीज कराएं और पासवर्ड बदलें। साथ ही नजदीकी साइबर थाना में रिपोर्ट करें।
क्या फर्जी लिंक के जरिए बैंक डिटेल चोरी हो सकती है?
हाँ, "फर्जी लिंक" पर क्लिक करने से आपके फोन या कंप्यूटर से बैंक डिटेल जैसे OTP, पासवर्ड आदि चोरी हो सकते हैं जिससे ठग आपके खाते से पैसे निकाल सकते हैं।
साइबर ठगी की शिकायत कहां करें?
आप "फर्जी लिंक" या किसी भी साइबर अपराध की शिकायत नजदीकी साइबर क्राइम थाना या राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कर सकते हैं। ऑनलाइन शिकायत www.cybercrime.gov.in पर भी की जा सकती है।
क्या पुलिस फर्जी लिंक भेजने वालों को पकड़ सकती है?
जी हाँ, पुलिस तकनीकी जांच के जरिए "फर्जी लिंक" भेजने वालों की पहचान करने की कोशिश करती है। IP एड्रेस, फोन नंबर, और डिजिटल ट्रेल की मदद से अपराधी तक पहुंचा जा सकता है।