छतरपुर: ये जश्न किसी शादी समारोह का नहीं है। ये बैंड-बाजे की धुन पर नाचना-गाना किसी विवाह मंडप का नहीं है। शाही अंदाज में सजी बैलगाड़ी पर सवार ये युवक कोई दूल्हा नहीं हैं, बल्कि आर्मी का जवान है। ये खुशी, देश सेवा के लिए दृढ़ संकल्पित होकर आर्मी की ट्रेनिंग पूरी कर अपने गांव वापस लौटने की है।
दरअसल ग्रामीणों ने फौजी जवान की सवारी के लिए शाही अंदाज में बैलगाड़ी सजाई। छतरपुर जिले के छोटे से गांव किशनपुर का बेटा आर्मी में अपनी ट्रेनिंग पूरी करके पहली बार जब अपने गांव वापस लौटा, तो गांव के लोगों का खुशी और हर्ष का ठिकाना नहीं रहा। बैंड-बाजे की धुन पर युवक-युवती झूमकर डांस कर फौजी की अगवानी की। जवान की आरती उतारकर फूल माला पहनाई जमकर स्वागत किया।