तालिबान के कब्जे वाले अफगानिस्तान के 110 सिख भारत आने का बेसब्री से कर रहे इंतजार: एसजीपीसी
तालिबान के कब्जे वाले अफगानिस्तान के 110 सिख भारत आने का बेसब्री से कर रहे इंतजार: एसजीपीसी
नयी दिल्ली, चार अगस्त (भाषा) शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) ने बृहस्पतिवार को कहा कि तालिबान के नियंत्रण वाले अफगानिस्तान के कम से कम 110 सिख भारत आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं और उनमें से 60 को अभी तक अपना ई-वीजा नहीं मिला है।
एसजीपीसी, इंडियन वर्ल्ड फोरम और केंद्र सरकार की निकासी योजना के तहत 26 वयस्कों और दो बच्चों सहित 28 अफगान-सिख बुधवार को काबुल से दिल्ली पहुंचे।
सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था एसजीपीसी ने कहा कि उसने अफगानिस्तान से आए इन सिखों के ठहरने की व्यवस्था की है। एसजीपीसी ने एक बयान में कहा कि कम से कम 110 अफगान-सिख अब भी वहां फंसे हुए हैं।
एसजीपीसी के समन्वयक सुरिंदर पाल सिंह समाना ने कहा, ‘‘अठाईस अफगान-सिखों को बुधवार को सुरक्षित निकाल लिया गया और वे वर्तमान में तिलक नगर स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु अर्जन देव में रह रहे हैं। उन्हें जल्द ही गुरुद्वारा समिति द्वारा आवास की सुविधा प्रदान की जाएगी। हम अपनी ओर से हरसंभव सहायता प्रदान कर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा कि विश्व पंजाबी संगठन, सोबती फाउंडेशन और अन्य सामाजिक संगठनों द्वारा विस्थापितों का पुनर्वास किए जाने की संभावना है।
इंडियन वर्ल्ड फोरम ने केंद्र से उन लोगों को ई-वीजा जारी करने का आग्रह किया है जो अब भी अफगानिस्तान में फंसे हुए हैं। इसने साथ ही उन लोगों को पुनर्वास पैकेज प्रदान करने की भी मांग की है, जिन्होंने पिछले साल काबुल में शासन-परिवर्तन के बाद भारत में शरण ली थी।
इंडियन वर्ल्ड फोरम के अध्यक्ष पुनीत चंडोक ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘अफगानिस्तान को सहायता भेजने को लेकर (केंद्र) सरकार की सराहना की जाती है, लेकिन दिल्ली में इन बेघर हिंदुओं और सिखों की भी हर तरह से मदद की जानी चाहिए।’’
उन्होंने कहा कि अफगान से निकाले गए लोग नागरिकता के लिए दूसरे देशों में ‘प्रवास नहीं करना चाहते’ और केंद्र को उन्हें ‘दीर्घकालिक राहत’ प्रदान करनी चाहिए।
भाषा सुरेश नरेश
नरेश

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