पश्चिम एशिया संघर्ष: भारतीय विमानन कंपनियों ने पाबंदियों के कारण 20 जुलाई तक 26,000 उड़ानें रद्द कीं

पश्चिम एशिया संघर्ष: भारतीय विमानन कंपनियों ने पाबंदियों के कारण 20 जुलाई तक 26,000 उड़ानें रद्द कीं

पश्चिम एशिया संघर्ष: भारतीय विमानन कंपनियों ने पाबंदियों के कारण 20 जुलाई तक 26,000 उड़ानें रद्द कीं
Modified Date: July 23, 2026 / 04:14 pm IST
Published Date: July 23, 2026 4:14 pm IST

नयी दिल्ली, 23 जुलाई (भाषा) सरकार ने बृहस्पतिवार को लोकसभा को बताया कि अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते हवाई क्षेत्र पर लगी पाबंदियों के कारण भारतीय विमानन कंपनियों ने 20 जुलाई तक करीब 26,000 अंतरराष्ट्रीय उड़ान रद्द कर दी हैं और इसके अलावा, विमानों के आवागमन में देरी और उनके रास्ते में परिवर्तन भी हुआ है।

नागर विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि मौजूदा संकट के कारण एयरलाइंस को राजस्व का काफी नुकसान हो रहा है और वे परिचालन जारी रखते हुए इसके असर को कम करने के लिए कदम उठा रही हैं।

फरवरी के आखिर में शुरू हुए इस संघर्ष ने विमानन उद्योग पर काफी असर डाला है, जो पश्चिम एशिया में ईंधन की ऊंची कीमतों और हवाई क्षेत्र पर पाबंदियों से जूझ रहा है।

मोहोल ने कहा, ‘‘अमेरिका-ईरान संघर्ष ने हवाई क्षेत्र पर लगी पाबंदियों के कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ान परिचालन में काफी रुकावट डाली है, जिससे बड़े पैमाने पर उड़ानें रद्द हुई हैं (20 जुलाई 2026 तक भारतीय विमानन कंपनियों द्वारा लगभग 26,000 उड़ानें), साथ ही कई विमानन कंपनियां और हवाई अड्डों पर कई विमानों के मार्ग बदलने पड़े या उनके आवागमन में देरी हुई है।’’

नागर विमानन महानिदेशालय ने पश्चिम एशिया संघर्ष से होने वाले खतरों से निपटने के लिए यात्रियों, चालक दल और विमान की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई परामर्श जारी किए हैं।

भाषा वैभव मनीषा

मनीषा


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