नीट मुद्दे पर रास में गतिरोध बरकरार, हंगामे के बीच कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित

नीट मुद्दे पर रास में गतिरोध बरकरार, हंगामे के बीच कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित

नीट मुद्दे पर रास में गतिरोध बरकरार, हंगामे के बीच कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित
Modified Date: July 23, 2026 / 04:18 pm IST
Published Date: July 23, 2026 4:18 pm IST

( तस्वीरों सहित )

नयी दिल्ली, 23 जुलाई (भाषा) नीट प्रश्नपत्र लीक मामले पर चर्चा से पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर कांग्रेस सहित विभिन्न विपक्षी दलों के अड़े रहने के कारण राज्यसभा की कार्यवाही बृहस्पतिवार को लगातार चौथे दिन भी बाधित रही और तीन बार के स्थगन के बाद बैठक दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।

हंगामे के कारण उच्च सदन में आज भी शून्यकाल और प्रश्नकाल नहीं हो पाया।

दिन में तीन बार स्थगित होने के बाद अपराह्न तीन बजे सदन की कार्यवाही जब दोबारा शुरू हुई तो उपसभापति हरिवंश ने राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे को बोलने की अनुमति दी।

खरगे ने लिखित पाठ से काव्यात्मक पंक्तियां पढ़ना शुरू करते हुए कहा कि विपक्ष देशहित में हर चुनौती का सामना करेगा।

उपसभापति हरिवंश ने उन्हें आगे बोलने की अनुमति नहीं दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता को केवल गतिरोध समाप्त करने और नीट प्रश्नपत्र लीक मामले पर चर्चा शुरू कराने के उद्देश्य से बोलने का अवसर दिया गया था, जिसके लिए सरकार पहले ही सहमति जता चुकी है।

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष केवल विरोध प्रदर्शन करना चाहता है। इसके बाद सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गयी।

इससे पहले, पूर्वाह्न 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही मिनट बाद पहले दोपहर 12 बजे तक और फिर दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी। दो बजे कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर भी गतिरोध जारी रहा और सदन को तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

सुबह कार्यवाही शुरू होते ही रीजीजू ने कहा कि सरकार आज ही नीट मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और विपक्ष को बहस के लिए कोई शर्त नहीं रखनी चाहिए।

इस पर खरगे ने कहा कि इस विषय पर चर्चा शुरू होने से पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना होगा। सत्ता पक्ष ने इस पर कड़ा विरोध जताया।

दोनों पक्षों की नारेबाजी जारी रहने पर सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी।

दोपहर 12 बजे बैठक दोबारा शुरू होने पर भी विपक्ष शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़ा रहा, जिसके कारण सदन को दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा।

खरगे ने कहा कि पुलिस के कथित लाठीचार्ज के कारण कई छात्र अस्पताल में भर्ती हैं और उनके अभिभावक बेहद परेशान हैं। उन्होंने कहा, ‘‘जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देंगे, तब तक चर्चा शुरू नहीं होगी।’’

इस पर सदन के नेता जे. पी. नड्डा ने विपक्ष के रवैये को ‘‘बेहद गैर-जिम्मेदाराना’’ करार दिया। उन्होंने कहा, ‘‘विपक्ष न तो चर्चा चाहता है और न ही सदन चलने देना चाहता है। पहले उन्होंने प्रश्नपत्र लीक पर चर्चा की मांग की और सरकार ने कहा कि हम नीट तथा उससे जुड़े सभी मुद्दों पर चर्चा करेंगे।’’

हंगामे के कारण बैठक दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी गई।

भोजनावकाश के बाद दो बजे बैठक शुरू होने पर स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया और सदन में हंगामा शुरू हो गया।

खरगे सहित विपक्षी सदस्य अपनी सीटों पर खड़े होकर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करने लगे।

उपसभापति हरिवंश ने कहा, ‘‘आज चौथा दिन है। कम से कम विधेयक पर तो चर्चा होने दीजिए… सदन चलने दीजिए।’’

विपक्षी सदस्यों के लगातार अपनी सीटों पर खड़े रहने पर उन्होंने कहा, ‘‘आप सदन चलने ही नहीं देना चाहते।’’

हंगामे के कारण उन्होंने सदन की कार्यवाही तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दीई। तीन बजे बैठक शुरु होने पर भी हंगामा जारी रहा और कार्यवाही शुक्रवार को सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

संसद का मानसून सत्र सोमवार को शुरू हुआ और दोनों सदनों की कार्यवाही लगातार हंगामे के कारण बाधित रही है।

भाषा मनीषा अविनाश

अविनाश

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