नेपाल में बाढ़ त्रासदी के बाद एक ही परिवार के पांच लोगों समेत बिहार के 12 लोग लापता: अधिकारी

नेपाल में बाढ़ त्रासदी के बाद एक ही परिवार के पांच लोगों समेत बिहार के 12 लोग लापता: अधिकारी

नेपाल में बाढ़ त्रासदी के बाद एक ही परिवार के पांच लोगों समेत बिहार के 12 लोग लापता: अधिकारी
Modified Date: August 30, 2026 / 10:20 pm IST
Published Date: August 30, 2026 10:20 pm IST

मोतिहारी/समस्तीपुर, 30 अगस्त (भाषा) नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ के बाद बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के कम से कम 12 लोग अब भी लापता हैं जिनमें से पांच लोग एक ही परिवार के हैं। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।

जिले के आदापुर प्रखंड के आठ लोग चार दिन पहले नेपाल में आई बाढ़ के बाद से लापता हैं। आदापुर के अंचल अधिकारी प्रज्ञा नयनम ने बताया कि ये लोग अब तक नहीं मिले हैं।

उन्होंने बताया कि लापता आठ लोगों में बरवा गांव के संयोग महतो और उची डीह गांव के उमेश प्रसाद तथा बृज किशोर पासवान भी शामिल हैं।

अंचल अधिकारी ने बताया कि आदापुर प्रखंड के लाला छपरा गांव के एक परिवार के पांच सदस्य भी आपदा के बाद से लापता हैं। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि यह परिवार नेपाल के भीमफेदी में रहता था, जहां परिवार के मुखिया बुधन साह कबाड़ की दुकान चलाते थे। आपदा के समय वह सामान लाने के लिए पहाड़ी क्षेत्र में गए हुए थे।

उन्होंने बताया, ‘‘बुधन साह की पत्नी मानवी देवी, बेटियां आशा कुमारी, रूपा कुमारी और संध्या कुमारी तथा पोती आयुषी कुमारी लापता हैं।’’

एक अन्य अधिकारी ने बताया कि पूर्वी चंपारण के केसरीया-चकिया क्षेत्र के भटहा पंचायत के जागीरहा गांव के तीन लोग भी लापता हैं।

चकिया के अनुमंडल अधिकारी शिवानी शिवम और केसरिया के अंचल अधिकारी पूनम मिश्रा ने लापता लोगों की पहचान रामबाबू प्रसाद साह, प्रमोद कुमार साह और मुनील कुमार साह के रूप में की है।

चौरादानो के अंचल अधिकारी रंजन कुमार बैठा ने बताया कि बुधवार को नेपाल में आई अचानक बाढ़ के बाद हरदिया गांव का एक निवासी भी लापता है।

उन्होंने बताया कि लापता व्यक्ति की पहचान अरमान मियां के रूप में हुई है, जो नेपाल के नुवाकोट जिले के त्रिशूली बाजार में दर्जी का काम करता था। बैठा ने कहा कि बुधवार से उसके परिवार का उससे संपर्क नहीं हो पाया है।

इसके अलावा, समस्तीपुर का एक व्यक्ति (जो नुवाकोट में मजदूरी करता है) ने दावा किया है कि बिहार के कई जिलों के रहने वाले उसके आठ दोस्त भी बाढ़ के बाद से लापता हैं।

समस्तीपुर के मजदूर अजय पोद्दार ने ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा, ‘‘हम करीब 12 दोस्त यहां मजदूरी का काम करते थे। हममें से चार लोग कुछ हार्डवेयर सामान खरीदने काठमांडू गए थे। जब हम वापस लौटे तो बाढ़ ने पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया था और सुरक्षा कर्मियों ने हमें उस जगह के पास जाने से रोक दिया, जहां हम काम करते थे।’’

विदेश मंत्रालय (एमईए) ने शनिवार को नयी दिल्ली में बताया था कि नेपाल में 275 से अधिक भारतीय और भारतीय मूल के 128 लोग अब भी लापता हैं या उनसे संपर्क नहीं हो पाया है। रविवार को विदेश मंत्रालय ने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर बचाए गए 149 लोगों की सूची साझा की।

नेपाल में अचानक आयी बाढ़ से मरने वालों की संख्या शनिवार को बढ़कर 788 हो गई। अधिकारियों ने बताया कि कई शव बरामद किए गए हैं।

इसके अलावा भोटेकोशी नदी में जलस्तर बढ़ने की चेतावनी देते हुए बाढ़ प्रभावित जिलों के निवासियों और बचाव कर्मियों से सतर्क रहने की अपील की गई है।

राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) के अनुसार, अब भी 2,500 से अधिक लोग लापता हैं, जबकि करीब 9,500 लोगों को बचा लिया गया है।

भाषा संतोष नरेश

नरेश


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