कोलकाता हवाई अड्डा परिसर में स्थित 130 साल पुरानी मस्जिद में तीन दिन तक नमाज अदा करने पर रोक
कोलकाता हवाई अड्डा परिसर में स्थित 130 साल पुरानी मस्जिद में तीन दिन तक नमाज अदा करने पर रोक
कोलकाता, 11 जुलाई (भाषा) नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा परिसर में स्थित 130 वर्ष से अधिक पुरानी गौरीपुर जामा मस्जिद में मरम्मत कार्य के कारण शनिवार से तीन दिन के लिए नमाज अदा करने पर रोक लगा दी गई है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
बांकड़ा मस्जिद के नाम से जानी जाने वाली यह मस्जिद हवाई अड्डे की द्वितीयक रनवे से कुछ सौ मीटर की दूरी पर स्थित है।
अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘मस्जिद में दो से तीन दिन तक निर्माण कार्य होगा। इसी कारण इस अवधि में नमाज के लिए लोगों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है।’’
दमदम उत्तर से भाजपा के विधायक सौरव सिकदर ने आरोप लगाया कि हवाई अड्डा परिसर में मस्जिद होने के कारण दोनों रनवे का पूरी क्षमता से इस्तेमाल नहीं हो पा रहा और इससे सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी पैदा होती हैं।
उन्होंने दावा किया कि नमाज के लिए आने वाले लोगों को हवाई अड्डे का पास या पृष्ठभूमि सत्यापन कराने की जरूरत नहीं होती।
उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘हवाई अड्डा एक सुरक्षित क्षेत्र होता है। वहां प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति के पास फोटो वाला बायोमेट्रिक पास होना जरूरी है। यह मस्जिद सबसे उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र यानी लेवल-3 में स्थित है।’’
सिकदर ने कहा कि इस हवाई अड्डे से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री जैसे अति विशिष्ट व्यक्तियों (वीवीआईपी) के अलावा हर महीने लाखों यात्री आते-जाते हैं।
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने यह मुद्दा अधिकारियों के सामने उठाया है और दावा किया है कि मौजूदा व्यवस्था से सुरक्षा संबंधी खतरा हो सकता है।
तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक और पूर्व मंत्री सिद्दीकुल्लाह चौधरी ने कहा कि जब इस मुद्दे पर अधिकारियों के साथ बातचीत जारी है, तो मस्जिद में नमाज पर रोक लगाने की कोई जरूरत नहीं थी।
चौधरी ने कहा, ‘‘यह मस्जिद 135 साल से अधिक पुरानी है और इस मुद्दे पर बातचीत जारी है। किसी भी सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए हम तैयार हैं। नमाज के लिए लोगों के प्रवेश पर रोक लगाने की कोई जरूरत नहीं थी।’’
भाषा जोहेब माधव
माधव

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