दिल्ली समेत 17 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में ई-कचरा पुनर्चक्रण की सुविधा नहीं: सीपीसीबी
दिल्ली समेत 17 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में ई-कचरा पुनर्चक्रण की सुविधा नहीं: सीपीसीबी
नयी दिल्ली, 19 फरवरी (भाषा) केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) को बताया कि दिल्ली सहित 17 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में इलेक्ट्रॉनिक या ई-कचरा पुनर्चक्रण की सुविधा नहीं है।
बोर्ड ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी में ई-कचरे के अंतरराज्यीय परिवहन का भी कोई रिकॉर्ड नहीं रखा जाता।
बोर्ड ने हालांकि यह भी बताया कि दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) उन सात राज्य प्रदूषण निकायों में से एक है, जिन्होंने ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2022 के तहत विद्युत एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की सभी 106 श्रेणियों के लिए ई-कचरे की सूची तैयार कर ली है।
एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य ए सेंथिल वेल की पीठ राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में ई-कचरा प्रबंधन से संबंधित मामले की सुनवाई कर रही थी।
अधिकरण ने इससे पहले सीपीसीबी से कार्रवाई रिपोर्ट मांगी थी।
पीठ ने 12 फरवरी को दिए आदेश में कहा कि बोर्ड को बिहार, झारखंड और उत्तराखंड को छोड़कर सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों से जवाब मिले हैं।
पीठ ने यह भी कहा कि दिल्ली समेत 17 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में ई-कचरा पुनर्चक्रण की सुविधाएं नहीं हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली मुख्य रूप से ई-कचरे का निपटान समझौता ज्ञापनों (एमओयू) या बड़े पैमाने पर कचरा उत्पन्न करने वालों और शहर के बाहर स्थित पंजीकृत पुनर्चक्रणकर्ताओं के बीच समझौतों के माध्यम से करती है, जिनमें से अधिकांश पुनर्चक्रणकर्ता राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में हैं।
अधिकरण ने कहा कि रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली समेत 21 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में ई-कचरे के अंतरराज्यीय परिवहन का कोई रिकॉर्ड नहीं रखा जाता।
अधिकरण ने कहा, “ई-कचरा (प्रबंधन) नियम 2022 के तहत विद्युत एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरण की सभी 106 श्रेणियों के लिए सात राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों (एसपीसीबी)/प्रदूषण नियंत्रण समितियों (पीसीसी) ने ई-कचरा सूचीकरण पूरा कर इसे बोर्ड को सौंप दिया। ये राज्य हैं असम, दिल्ली, मणिपुर, मिजोरम, मेघालय, नागालैंड और त्रिपुरा।”
प्रत्येक राज्य व केंद्र शासित प्रदेश द्वारा उत्पन्न कचरे का अनुमान लगाने के लिए विद्युत एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरण कचरे की श्रेणियों का सूची बनाए रखना महत्वपूर्ण है।
अधिकरण ने बोर्ड के वकील द्वारा प्रस्तुत जानकारी पर ध्यान दिया कि राष्ट्रव्यापी ई-कचरा सूचीकरण के लिए मसौदा दिशानिर्देश तैयार कर सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के साथ साझा कर दिए गए हैं और लंबित प्रतिक्रियाएं प्राप्त होने के बाद अंतिम दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे।
अधिकरण ने कहा, “इसके मद्देनजर, बोर्ड को अगली सुनवाई की तारीख (21 मई) से कम से कम एक सप्ताह पहले एक अन्य स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया जाता है।”
भाषा जितेंद्र वैभव
वैभव

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