दिल्ली में अतिक्रमण रोधी अभियान के दौरान 30-35 लोगों ने नारे लगाए, तोड़-फोड़ की : प्राथमिकी

दिल्ली में अतिक्रमण रोधी अभियान के दौरान 30-35 लोगों ने नारे लगाए, तोड़-फोड़ की : प्राथमिकी

दिल्ली में अतिक्रमण रोधी अभियान के दौरान 30-35 लोगों ने नारे लगाए, तोड़-फोड़ की : प्राथमिकी
Modified Date: January 7, 2026 / 06:54 pm IST
Published Date: January 7, 2026 6:54 pm IST

(तस्वीरों सहित)

नयी दिल्ली, सात जनवरी (भाषा) तुर्कमान गेट इलाके में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अदालत के आदेश पर चलाए गए अतिक्रमण रोधी अभियान के दौरान कथित तौर पर 30-35 लोगों के एक समूह ने पुलिस के खिलाफ नारे लगाए, बैरिकेड तोड़े और एक लाउड स्पीकर छीनकर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया। दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज की गयी एक प्राथमिकी में यह जानकारी दी गयी।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात चलाए गए अभियान में शामिल पुलिस अधिकारियों और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) अधिकारियों पर पथराव करने में 100 से अधिक प्रदर्शनकारी शामिल थे। इस दौरान एक नाबालिग समेत पांच लोगों को हिरासत में लिया गया और 10-15 अन्य लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। उन्होंने बताया कि झड़प में पांच पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।

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चांदनी महल पुलिस थाने में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, यह घटना रात करीब 12.40 बजे घटी जब निषेधाज्ञा के बावजूद भीड़ तुर्कमान गेट के पास जमा हो गई और पुलिस के खिलाफ नारे लगाने लगी।

कांस्टेबल संदीप ने अपनी शिकायत में कहा कि पुलिस ने लाउडस्पीकर के जरिए बार-बार घोषणाएं करके भीड़ को तितर-बितर होने के लिए कहा, लेकिन समूह ने कथित तौर पर आदेशों का पालन करने से इनकार कर दिया।

प्राथमिकी में लिखा है, “पुलिस ने बैरिकेड लगा दिए थे और तुर्कमान गेट पर करीब 30 से 35 लोगों की भीड़ जमा हो गई थी, जो पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारे लगा रही थी।”

इसमें कहा गया, “हालांकि, भीड़ ने निर्देशों का पालन नहीं किया और नारे लगाना जारी रखा, बैरिकेड तोड़ दिए और दंगा करने लगी।”

स्थिति तब और बिगड़ गई जब कुछ लोगों ने कथित तौर पर पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंके, जिससे थानाध्यक्ष (एसएचओ) समेत कम से कम पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। घायलों को सरकारी वाहन से एलएनजेपी अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें भर्ती कराया गया और उनका इलाज किया गया।

प्राथमिकी के मुताबिक, “उन्होंने पुलिसकर्मियों के आधिकारिक कर्तव्य के निर्वहन में बाधा डाली, लाउडस्पीकर और बैरिकेड सहित सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और पुलिसकर्मियों को घायल किया।”

हिंसा तब भड़की जब अदालत के आदेशानुसार दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने मस्जिद के पास से अतिक्रमण हटाना शुरू किया। पुलिस ने बताया कि निवासियों को विध्वंस अभियान के बारे में पहले ही सूचित कर दिया गया था और मौके पर पर्याप्त बल तैनात किया गया था।

मोहम्मद आरिब (25), मोहम्मद कैफ (23), मोहम्मद काशिफ (25) और मोहम्मद हामिद (30) के रूप में पहचाने गए चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 17 वर्षीय एक लड़के को हिरासत में लिया गया है।

भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 221 (लोक सेवक को लोक कार्यों के निर्वहन से रोकना), 132 (लोक सेवक को उसके कर्तव्य के निर्वहन से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल का प्रयोग), 121 (लोक सेवक को उसके कर्तव्य से रोकने के लिए स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 191 (दंगा), 223 (ए) (लोक सेवक द्वारा विधिवत रूप से जारी आदेश की अवज्ञा) और 3(5) (संयुक्त दायित्व) तथा लोक संपत्ति को क्षति पहुंचाने से रोकने वाले अधिनियम, 1984 के प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

इस बीच, एमसीडी के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया कि अभियान के दौरान मस्जिद को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है और एहतियात के तौर पर कानून व्यवस्था के सभी आवश्यक इंतजाम बरकरार रखे गए हैं। आगे की जांच जारी है।

भाषा प्रशांत वैभव

वैभव


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