नयी दिल्ली, छह मार्च (भाषा) भारतीय तेलशोधक कंपनियों को रूसी तेल खरीदने के लिए अमेरिका द्वारा 30 दिन की अस्थायी छूट की घोषणा किए जाने के बाद भाजपा ने शुक्रवार को इस घटनाक्रम को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘‘रणनीतिक तेल कूटनीति’’ की सफलता बताया और कहा कि यह ‘‘भारत विरोधी राहुल गांधी और कांग्रेस के मुंह पर एक बड़ा तमाचा’’ है।
भाजपा ने कांग्रेस और गांधी पर ‘‘तेल की कमी को लेकर फर्जी खबरें फैलाकर’’ दहशत पैदा करने का भी आरोप लगाया।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘राहुल गांधी और कांग्रेस को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत को रणनीतिक संयम और रणनीतिक स्पष्टता के साथ काम करते देखना पसंद नहीं है।’’
ईरान के साथ बढ़ते संघर्ष के बीच, अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने बृहस्पतिवार को कहा, ‘‘राष्ट्रपति (डोनाल्ड) ट्रंप के ऊर्जा एजेंडे के परिणामस्वरूप तेल और गैस उत्पादन अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। वैश्विक बाजार में तेल की आपूर्ति जारी रखने के लिए, वित्त विभाग भारतीय तेलशोधक कंपनियों को रूसी तेल खरीदने की अनुमति देने के लिए 30 दिन की अस्थायी छूट जारी कर रहा है।’’
बेसेंट ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भारत, अमेरिका का एक महत्वपूर्ण साझेदार है, और हमें पूरी उम्मीद है कि भारत अमेरिकी तेल की खरीद बढ़ाएगा। यह अंतरिम उपाय ईरान द्वारा वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को बाधित करने का प्रयास किए जाने से उत्पन्न दबाव को कम करेगा।’’
उन्होंने कहा कि यह ‘‘जानबूझकर उठाया गया अल्पकालिक कदम’’ रूस सरकार को कोई महत्वपूर्ण वित्तीय लाभ नहीं देगा, क्योंकि यह केवल समुद्र में फंसे तेल से संबंधित लेनदेन को ही अधिकृत करता है।
इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए भंडारी ने कहा, ‘‘भारत विरोधी राहुल गांधी और कांग्रेस के मुंह पर बड़ा तमाचा लगा है, जो ‘तेल की कमी’ की फर्जी खबरें फैलाकर दहशत पैदा करना चाहते थे।’’
भाजपा प्रवक्ता ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की रणनीतिक तेल कूटनीति एक बार फिर सफल रही।’’
भंडारी ने अमेरिकी छूट पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश की टिप्पणियों की भी कड़ी आलोचना की और कहा कि भारत को गलती करने के लिए उकसाने की मुख्य विपक्षी पार्टी की ‘‘साजिश’’ सफल नहीं होगी।
अमेरिका द्वारा अस्थायी छूट की घोषणा किए जाने के बाद मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कांग्रेस ने पूछा कि यह ‘‘अमेरिकी ब्लैकमेल’’ कब तक जारी रहेगा।
रमेश ने ‘एक्स’ पर तुकबंदी करते हुए एक पोस्ट में कहा, ‘‘ट्रंप का नया खेल, दिल्ली के दोस्त को कहा, पुतिन से ले सकते हो तेल, कब तक चलेगा ये अमेरिकी ब्लैकमेल?’’
इस पर पलटवार करते हुए भंडारी ने रमेश से ‘‘फर्जी खबरें’’ फैलाना बंद करने को कहा।
भाजपा प्रवक्ता ने ‘एक्स’ पर एक अलग पोस्ट में कहा, ‘‘आपका संप्रभुता बेचने का इतिहास रहा है। गांधी-वाद्रा और समझौतावादी कांग्रेस ने 70 वर्षों तक यही किया।’’
भंडारी ने कहा, “तथ्य: भारत रूस से तेल खरीदता रहा है; इसमें कोई रुकावट नहीं आई है! आपको जवाब देना चाहिए कि 2013 में आपने ईरानी तेल की खरीद के लिए प्रतिबंधों में छूट की खातिर अमेरिका से गुहार क्यों लगाई थी?”
भाषा
नेत्रपाल अविनाश
अविनाश