उप्र : आदित्‍यनाथ ने 50 क्यूआरटी वाहनों को हरी झंडी दिखाई, कहा – विकास की पहली शर्त सुरक्षा

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उप्र : आदित्‍यनाथ ने 50 क्यूआरटी वाहनों को हरी झंडी दिखाई, कहा - विकास की पहली शर्त सुरक्षा

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  • Publish Date - March 7, 2026 / 12:21 AM IST,
    Updated On - March 7, 2026 / 12:21 AM IST

लखनऊ, छह मार्च (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लखनऊ में ‘सुरक्षित उप्र-समृद्ध उप्र’ की परिकल्पना को और सुदृढ़ करने के तहत 50 त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी) वाहनों को हरी झंडी दिखाई और कहा कि विकास की पहली शर्त सुरक्षा होती है और उत्तर प्रदेश पुलिस ने यह करके दिखाया है।

‘‘सुरक्षित उप्र-समृद्ध उप्र’’ की परिकल्पना को और सुदृढ़ करने के लिए मुख्‍यमंत्री योगी यहां आज लखनऊ में होंडा इंडिया फाउंडेशन और उप्र पुलिस द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए और 50 क्यूआरटी वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

योगी ने कहा कि 2017 से राज्य में बेहतर कानून-व्यवस्था ने इसकी छवि को बदल दिया है। उन्होंने कहा, ‘‘अब राज्य की छवि दंगों वाले इलाके के बजाय विकास के लिए एक सुरक्षित स्थान में बदल गई है। विकास तभी संभव है जब लोग सुरक्षित महसूस करें और उनकी संपत्ति की रक्षा हो।’’

आदित्यनाथ ने 2017 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार के बनने और 2022 में फिर से पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार के सत्ता में आने का जिक्र करते हुए इस बदलाव का श्रेय 2017 और 2022 के बीच उत्तर प्रदेश पुलिस के प्रदर्शन को दिया।

कानून-व्‍यवस्‍था की सराहना करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पुलिस बल ने दिखाया है कि एक राज्य जो कभी अव्यवस्था, दंगों और अक्सर कर्फ्यू से ग्रस्त था, उसे ‘‘सुरक्षित उत्तर प्रदेश’’ में बदला जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘विकास के लिए सुरक्षा पहली शर्त है। अगर कोई इंसान सुरक्षित नहीं है, तो उसकी राजधानी और परिवार कैसे सुरक्षित रह सकता है?’’

आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य में पुलिस तंत्र को बेहतर बनाने के लिए पिछले नौ साल में कई सुधार किए गए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने यह करके दिखाया है।

योगी आदित्‍यनाथ ने अब तक पुलिस व्‍यवस्‍था में आये सुधारों को उल्लेख करते हुए कहा कि आज उत्तर प्रदेश पुलिस और पीएसी (प्रादेशिक आर्म्ड कांस्टेबुलरी) की मांग देश के अन्य राज्यों में भी होती है और आज हमारे पास 12 फॉरेंसिक प्रयोगशालाएं हैं, भारत का विश्व स्तरीय फॉरेंसिक संस्थान भी उत्तर प्रदेश के पास है…।’’

योगी ने कहा कि आपात स्थिति में जितनी त्वरित कार्रवाई होगी, वह कार्रवाई उतना ही भरोसे में बदलती है और वह भरोसा ही पारदर्शिता का कारण बनता है।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार योगी आदित्‍यनाथ ने कहा कि पहली बार लोकतंत्र में कानून व्यवस्था किसी चुनाव में मुद्दा बनी और इसी का परिणाम है कि आजादी के बाद पहली बार राज्य में किसी सरकार ने (एक नेतृत्व में) अपना पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा करने के बाद दोबारा सरकार बनाई।

बयान में कहा गया कि योगी ने कहा कि पुलिस विभाग ने वर्ष 2017 के बाद बिगड़े, अराजक, दंगाग्रस्त और कर्फ्यूग्रस्त राज्य को बदल कर सुरक्षित उत्तर प्रदेश के रूप में स्थापित किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य से भारत की अर्थव्यवस्था का ‘ग्रोथ इंजन’ बनाने की शुरुआत कड़ी सुरक्षा से ही होती है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश के प्रति धारणा बदलने के लिए कई कदम उठाए गए तो कुछ सुधार किये गये और इसके नतीजे हम सबके सामने हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस में वर्ष 2017 में पीआरवी के वाहन 9,500 थे और आज इनकी संख्या प्रदेश में 15,500 से अधिक है। उन्होंने कहा कि वहीं वर्ष 2017 में दोपहिया मात्र 3,000 थे और आज इनकी संख्या 9,200 से अधिक है।

बयान के अनुसार मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में जब सरकार ने बड़े स्तर पर पुलिस भर्ती की प्रक्रिया शुरू की तो उस समय उत्तर प्रदेश में पुलिस प्रशिक्षण की क्षमता बहुत सीमित थी। उन्होंने कहा कि एक साथ लगभग तीन हजार पुलिसकर्मियों को ही प्रशिक्षण दिया जा सकता था। उन्होंने कहा कि सरकार के सामने चुनौती थी कि लंबे समय से पुलिस भर्ती नहीं हुई थी और युवाओं में भर्ती को लेकर उत्सुकता थी, लेकिन प्रशिक्षण क्षमता सीमित होने के कारण भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाना कठिन था।

उन्‍होंने कहा कि किसी भी भर्ती प्रक्रिया को पूरा करने में लगभग नौ महीने का समय लग जाता था। उन्होंने कहा कि ऐसे में राज्य सरकार ने अन्य राज्यों से संपर्क किया, दो-तीन राज्यों ने सहयोग के लिए सहमति दी। उन्होंने कहा कि इसके अलावा सेना और अर्द्धसैनिक बलों से भी बातचीत की गई, जिन्होंने सहयोग देने की बात कही।

उन्होंने कहा कि इन सभी प्रयासों के बाद किसी तरह प्रशिक्षण क्षमता को बढ़ाकर लगभग 17 से 20 हजार तक पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि इसके बाद अन्य राज्यों तथा सैन्य प्रशिक्षण केंद्रों की मदद से इसे करीब 30 हजार तक ले जाया गया, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में 60,244 पुलिस कांस्टेबल की भर्ती की गई है और इन सभी को उत्तर प्रदेश के अपने प्रशिक्षण केंद्रों में ही प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकसित किए गए नए पुलिस प्रशिक्षण केंद्रों और आधारभूत संरचना के कारण यह संभव हो पाया है।

इस अवसर पर मुख्य सचिव एस पी गोयल, अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण समेत कई प्रमुख लोग उपस्थित थे।

भाषा आनन्द अमित

अमित