Online Betting Websites Ban: IPL से पहले मोदी सरकार का बड़ा ‘डिजिटल स्ट्राइक’.. 300 वेबसाइट और मोबाइल एप्लिकेशन को किया प्रतिबंधित, जानें क्या है वजह
Online Betting and Gambling Websites Ban Today: केंद्र सरकार ने 8400 अवैध सट्टेबाजी वेबसाइट्स ब्लॉक कीं, ऑनलाइन गेमिंग कानून से युवाओं को नुकसान से बचाने की पहल
300 Online Betting and Gambling Websites Ban Today || Image- UPSC Guid File
- 8400 अवैध सट्टा वेबसाइट्स ब्लॉक
- ऑनलाइन गेमिंग कानून से बड़ी कार्रवाई
- युवाओं को जुए से बचाने की पहल
नई दिल्ली: अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुआ प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ केंद्र सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हजारों वेबसाइट्स को ब्लॉक कर दिया है। (Online Betting and Gambling Websites Ban) इन प्लेटफॉर्म्स में स्पोर्ट्स बेटिंग साइट्स, कसीनो ऐप्स (जैसे स्लॉट्स, रूले और लाइव डीलर गेम्स) और पीयर-टू-पीयर बेटिंग एक्सचेंज शामिल हैं। इसके अलावा सट्टा/मटका नेटवर्क और रियल मनी गेमिंग ऐप्स को भी निशाना बनाया गया है।

लगातार जारी है सरकार की कार्रवाई
सरकारी अधिकारियों के अनुसार अब तक करीब 8,400 वेबसाइट्स ब्लॉक की जा चुकी हैं, जिनमें से लगभग 4,900 वेबसाइट्स ऑनलाइन गेमिंग कानून लागू होने के बाद बंद की गई हैं। इससे पहले जनवरी में भी 242 अवैध बेटिंग और जुआ वेबसाइट लिंक ब्लॉक किए गए थे। सरकार का कहना है कि यह कार्रवाई खासकर युवाओं को बचाने और ऑनलाइन जुए से होने वाले आर्थिक और सामाजिक नुकसान को रोकने के लिए की जा रही है।
STORY | Govt cracks down on illegal gambling, betting websites; 300 such sites, apps blocked
In a massive crackdown against illegal gambling and betting websites, the government has blocked 300 such websites and applications, sources said. The blocked sites and apps are related… pic.twitter.com/oIDJtiFE59
— Press Trust of India (@PTI_News) March 20, 2026
अगस्त 2025 में कानून को मिली थी मंजूरी
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने “ऑनलाइन गेमिंग के प्रोत्साहन और विनियमन विधेयक, 2025” को मंजूरी दी थी, जिसे पिछले साल अगस्त में संसद ने पारित किया था। इस कानून का उद्देश्य ऑनलाइन पैसे वाले खेलों पर नियंत्रण करना और सुरक्षित गेमिंग को बढ़ावा देना है।
सरकार का कहना है कि यह कानून लोगों को लत, आर्थिक नुकसान और सामाजिक समस्याओं से बचाने के लिए बनाया गया है, (Online Betting and Gambling Websites Ban)क्योंकि कई प्लेटफॉर्म तेजी से पैसा कमाने का लालच देकर लोगों को फंसाते हैं।
वैश्विक स्तर पर भी इस समस्या को गंभीर माना गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने “गेमिंग डिसऑर्डर” को एक बीमारी के रूप में मान्यता दी है, जिसमें व्यक्ति खेल पर नियंत्रण खो देता है, दैनिक गतिविधियों को नजरअंदाज करता है और नुकसान के बावजूद खेल जारी रखता है।
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