आंध्र के कोनासीमा में गैस रिसाव के बाद भड़की आग, तीन गांवों के 600 लोगों को निकाला गया
आंध्र के कोनासीमा में गैस रिसाव के बाद भड़की आग, तीन गांवों के 600 लोगों को निकाला गया
मोरी (आंध्र प्रदेश), पांच जनवरी (भाषा) आंध्र प्रदेश के डॉ. बीआर आंबेडकर कोनासीमा जिले में एक ठेकेदार द्वारा संचालित तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) के कुएं में सोमवार को गैस रिसाव के कारण आग लग गई, जिसके बाद चार किलोमीटर के दायरे में तीन गांवों से लगभग 600 लोगों को निकाला गया।
सार्वजनिक क्षेत्र की ‘महारत्न’ कंपनी के एक अधिकारी ने कहा कि फिलहाल घटनास्थल से किसी के भी घायल होने या मौत की कोई सूचना नहीं है।
अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘दीप इंडस्ट्रीज लिमिटेड द्वारा उत्पादन बढ़ाने के अभियान के तहत संचालित मोरी-5 कुएं में गैस पाइपलाइन में रिसाव के कारण यह आग लगी।’’
पड़ोसी गांवों इरुसुमंडा, गुडापल्ली और लक्कावरम के निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
गांवों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए लोगों की संख्या फिलहाल पता नहीं चल सकी।
अग्निशमन विभाग के 10 वाहन आग बुझाने में जुटे हुए हैं।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने आग की घटना के बारे में जानकारी ली और अधिकारियों को प्राथमिकता के साथ आग बुझाने के निर्देश दिए।
गैस रिसाव के बाद, राजामुंद्री से ओएनजीसी के वरिष्ठ अधिकारी स्थिति का आकलन करने और आग लगने के कारण का पता लगाने के लिए मलकीपुरम मंडल में स्थित कुआं मोरी-5 पर पहुंचे।
कोनासीमा जिला प्रशासन भी घटनास्थल पर आग बुझाने तथा सुरक्षा उपायों का समन्वय कर रहा है।
जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, उप कलेक्टर और ओएनजीसी के अधिकारी घटनास्थल से 100 मीटर दूर स्थित सचिवालय से स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
शुरूआत में गैस का एक घना सफेद गुबार उठा जिसने आसपास के धान के खेतों और नारियल के बागों को घेर लिया।
जिसके बाद आग लग गई और यह भीषण अग्निकांड गोदावरी नदी के डेल्टा के पार से देखा जा सकता था।
‘पीटीआई वीडियो’ के मुताबिक, वायरल हो रहे एक वीडियो में स्थानीय पुलिस और नारंगी, लाल तथा नीले रंग की वर्दी पहने श्रमिकों को इधर उधर भागते देखा जा सकता है, जबकि पास में ही कुछ दमकल गाड़ियां भी देखी गईं।
ओएनजीसी ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, ‘‘मोरी क्षेत्र में पीईसी संचालक, दीप इंडस्ट्रीज लिमिटेड द्वारा संचालित कुएं मोरी-5 पर कार्य के दौरान गैस रिसाव की एक घटना की सूचना दी गई।’’
यह कुआं एक दूरस्थ क्षेत्र में स्थित है, जिसके लगभग 600 मीटर के दायरे में कोई रिहायशी बस्ती नहीं है।
तेल और गैस क्षेत्र की प्रमुख कंपनी ओएनजीसी ने कहा कि प्रभावित क्षेत्र को सील कर दिया गया है, शीतलन अभियान शुरू कर दिए गए हैं और ओएनजीसी ने अपनी संकट प्रबंधन टीम (सीएमटी और आरसीएमटी) को सक्रिय कर दिया है।
खबरों के अनुसार, ओएनजीसी की ‘प्रोडक्शन एनहांसमेंट कॉन्ट्रैक्टर’ (पीईसी) दीप इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने आंध्र प्रदेश में ओएनजीसी की राजामुंद्री परिसंपत्ति में उत्पादन संवर्धन कार्यों के लिए 2024 में 1,402 करोड़ रुपये का अनुबंध हासिल किया था।
अधिकारी ने बताया कि मोरी-5 कुआं कंपनी द्वारा करीब एक साल से संचालित किया जा रहा है।
भाषा तान्या वैभव
वैभव

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