चंडीगढ़, 13 जनवरी (भाषा) हरियाणा पुलिस ने मंगलवार को कहा कि उसने गिरोह आधारित जीवनशैली को बढ़ावा देने वाले तथा हथियारों एवं हिंसा का महिमामंडन करने वाले 67 गाने डिजिटल मंचों से हटवा दिए हैं।
इस संबंध में हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने कहा, ‘‘67 गानों के खिलाफ की गई कार्रवाई एक व्यापक अभियान का हिस्सा है और आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।’’
पुलिस ने हालांकि अपने बयान में उन गानों के नाम नहीं बताए हैं जिन्हें हटाया या अवरुद्ध किया गया है।
आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि पिछले लगभग एक वर्ष के दौरान हटाए गए 67 गानों में हरियाणवी रैपरों द्वारा गाए गए कुछ गाने भी शामिल हैं।
हरियाणा पुलिस ने फरवरी 2025 में उन गानों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी जो कथित तौर पर बंदूक संस्कृति को बढ़ावा देते हैं, हिंसा का ‘‘महिमामंडन’’ करते हैं और नफरत भड़काते हैं।
इस संबंध में जारी बयान के अनुसार, संबंधित गायकों, सोशल मीडिया और अन्य मंचों को निगरानी के दायरे में लाया गया है। हरियाणा पुलिस, विशेष रूप से इसकी साइबर अपराध इकाई की टीम सोशल मीडिया पर नजर रखती हैं और जरूरत पड़ने पर उचित कार्रवाई करती हैं।
अकेले मार्च 2025 में ही विभिन्न सोशल मीडिया मंचों से 10 से अधिक गाने हटा दिए गए जिनमें से कुछ गाने लोकप्रिय हरियाणवी गायक मासूम शर्मा द्वारा गाए गए थे।
हरियाणा पुलिस ने उस समय यह दावा किया था कि उनके कुछ गाने बंदूक संस्कृति को बढ़ावा देते हैं।
शर्मा ने पूर्व में अपनी प्रतिक्रिया में कहा था, ‘‘अन्य कलाकारों के इतने सारे गाने हैं जिन्हें सोशल मीडिया से हटाया नहीं गया है। अगर सरकार ने मुझसे शुरुआत की है तो यह अच्छी बात है, लेकिन कार्रवाई निष्पक्ष होनी चाहिए।’’
पुलिस के बयान में कहा गया कि गिरोह संस्कृति और हथियारों तथा हिंसा के महिमामंडन के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई में, हरियाणा पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) और साइबर इकाई ने एक ऐतिहासिक अभियान चलाया है।
बयान के अनुसार, व्यापक छानबीन के दौरान, एसटीएफ और साइबर टीमों ने पाया कि कई गाने युवाओं को प्रभावित कर रहे थे, गैंगस्टर का महिमामंडन कर रहे थे और आपराधिक जीवन से जुड़ी विलासिता की अवास्तविक छवि पेश कर रहे थे, जिससे युवा अपराध की ओर जा रहे थे।
इसमें कहा गया कि इस चिंताजनक प्रवृत्ति के जवाब में, हरियाणा पुलिस ने सोशल मीडिया मंचों पर उपलब्ध 67 आपत्तिजनक गानों के खिलाफ कार्रवाई की।
बयान में कहा गया, ‘‘नतीजतन, अधिकांश सामग्री को या तो हटा दिया गया है या अवरुद्ध कर दिया गया है।’’
हरियाणा पुलिस ने कहा कि यह तो सिर्फ शुरुआत है तथा इस तरह की सामग्री के खिलाफ और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस महानिदेशक सिंघल ने इस कार्रवाई को समाज और युवा पीढ़ी के हित में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
उन्होंने कहा कि हरियाणा पुलिस का उद्देश्य केवल आपराधिक गतिविधियों को रोकना ही नहीं है, बल्कि युवाओं को अपराध की दुनिया में कदम रखने से बचाना भी है।
शीर्ष पुलिस अधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे गाने अपराधियों को आदर्श के रूप में पेश करते हैं और चकाचौंध वाली एक ऐसी जीवनशैली को दर्शाते हैं जो वास्तविकता से बहुत दूर है।
उन्होंने कहा कि अक्सर अपराधियों के आपराधिक कृत्यों के कारण उनके परिवारों को भी नुकसान उठाना पड़ता है।
सिंघल ने दोहराया कि पुलिस ने एक स्पष्ट और दृढ़ नीति अपनाई है कि किसी भी मंच को ऐसी सामग्री होस्ट करने की अनुमति नहीं दी जाएगी जो अपराध संस्कृति को बढ़ावा देती हो।
उन्होंने कलाकारों और ‘कंटेंट क्रिएटर्स’ से भी जिम्मेदारी से काम करने तथा युवाओं को गुमराह करने वाली सामग्री बनाने से बचने की अपील की।
वहीं, एसटीएफ महानिरीक्षक सतीश बालन ने कहा कि युवाओं पर डिजिटल सामग्री के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए, पुलिस ने गायकों, गीतकारों और रचनाकारों के साथ भी चर्चा की है तथा उन्हें सलाह दी है कि वे हिंसा, गैंगस्टर या हथियारों का महिमामंडन न करें।
बालन ने कहा कि इस तरह की सामग्री भय फैलाती है, आपराधिक प्रवृत्तियों को बढ़ावा देती है और समाज में असुरक्षा को बढ़ाती है।
उन्होंने कहा कि एसटीएफ और साइबर टीम सोशल मीडिया पर अपराधियों के पोस्ट ‘लाइक’ या साझा करने वाले लोगों पर भी कड़ी नजर रख रही हैं।
बयान में कहा गया कि डिजिटल कार्रवाई के साथ ही हरियाणा एसटीएफ ने विदेशी आकाओं के माध्यम से संचालित आतंकी-गैंगस्टर गठजोड़ को खत्म करने में महत्वपूर्ण सफलताएं हासिल की हैं।
हरियाणा पुलिस ने बताया कि खुफिया जानकारी पर आधारित अभियानों में स्थानीय नेटवर्क का इस्तेमाल कर आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले कई मॉड्यूल का पर्दाफाश हुआ है।
भाषा नेत्रपाल नरेश
नरेश