Kill Switch Starlink, image source: zimcelebs_official instagram)
नई दिल्ली: ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच इंटरनेट पर नियंत्रण अपने सबसे कड़े दौर में पहुंच गया है। (Kill Switch Starlink) पहले रेगुलर नेटवर्क बंद किए गए थे और अब सरकार ने सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस Starlink को भी रोक दिया है। यह कदम तथाकथित ‘किल स्विच’ स्ट्रेटेजी के तहत उठाया गया, जिससे कुछ ही पलों में Starlink इनएक्टिव हो गया।
Starlink, जो SpaceX की सर्विस है, जमीन पर मौजूद नेटवर्क पर डिपेंड नहीं है। यही वजह है कि प्रदर्शनकारी इसे सेंसरशिप से बचने का आखिरी रास्ता मान रहे थे लेकिन Starlink को ब्लॉक करने के बाद प्रदर्शनकारियों का न सिर्फ आपसी में कांटेक्ट टूट गया, बल्कि इंटरनेशनल मीडिया तक जानकारी पहुंचना भी काफी ज्यादा मुश्किल हो गया।
ईरानी एजेंसियों ने सीधे Starlink के सर्वर को नहीं, बल्कि उसके काम करने की प्रक्रिया को निशाना बनाया। GPS लोकेशन और फ्रीक्वेंसी सिग्नल्स को जाम कर दिया गया, जिससे यूजर टर्मिनल सैटेलाइट से कनेक्ट नहीं हो पाए। (Kill Switch Starlink) इस प्रक्रिया में किसी टावर या तार को नुकसान नहीं पहुंचाया गया, बल्कि एक डिजिटल स्विच ऑन कर इंटरनेट ठप कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार, पहले मोबाइल डेटा, ब्रॉडबैंड और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉक किया गया। (Kill Switch Starlink) जब लोग Starlink का सहारा लेने लगे तो सरकार ने स्पेक्ट्रम कंट्रोल और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर टूल्स का इस्तेमाल कर सैटेलाइट लिंक को भी बंद कर दिया। इसी वजह से इसे ‘वन-क्लिक किल स्विच’ कहा जा रहा है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसी कारण इसे ‘वन-क्लिक किल स्विच’ कहा जा रहा है, क्योंकि सेंट्रल सिस्टम से पूरे एरिया में एक साथ इंटरनेट ब्लॉक किया जा सकता है।
SpaceX की यह सर्विस जमीन पर मौजूद नेटवर्क पर निर्भर नहीं करती। (Kill Switch Starlink) प्रदर्शनकारी इसे सेंसरशिप से बचने का आखिरी विकल्प मान रहे थे। लेकिन Starlink ब्लॉक होने के बाद उनका आपसी संपर्क टूट गया और अंतरराष्ट्रीय मीडिया तक जानकारी पहुंचाना भी बेहद मुश्किल हो गया।