7वें वेतनमान को लेकर प्रदर्शन कर रहे इस राज्य के कर्मचारियों को सरकार सुना सकती है ये फरमान
7वें वेतनमान को लेकर प्रदर्शन कर रहे इस राज्य के कर्मचारियों को सरकार सुना सकती है ये फरमान
नई दिल्ली। केन्द्र सरकार द्वारा 7वां वेतना जारी करने के बाद कई राज्यों के कर्मचारियों की भी मांग है कि उनका वेतन भी सातवें वेतनमान की सिफारिशों के तहत किया जाए। इसी के तहत कुछ राज्य सरकारों ने अपने कर्मचारियों के लिए 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू कर उन्हें तोहफा दिया है। लेकिन ओडिशा में 7वें वेतन आयोग की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों के लिए राज्य सरकार की ओर से बुरी खबर आ सकती है।
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राज्य सरकार प्रदर्शनकारी शिक्षकों के लिए एक फरमान जारी कर सकती है। दरसअल, सरकार ‘नो वर्क नो पे’ की नीति अपना कर शिक्षकों के आदोलन को प्रभावित कर सकती है। बता दें कि एक ओर जहां राजस्थान, मध्य प्रदेश और यूपी में बीजेपी सरकारों ने शिक्षकों का वेतन बढ़ाने का ऐलान किया है। जल्द कर्मचारियों को 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों का लाभ मिलेगा।
बिहार, ओडिशा और जम्मू-कश्मीर में शिक्षक 7वें वेतनमान लागू न करने के लिए सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। खबरों के अनुसार बिहार में शिक्षक सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन शुरू कर सकते हैं। इससे स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो सकती है.
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बता दें कि केन्द्रीय कर्मचारी भी 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों को लेकर खुश नहीं हैं। केन्द्रीय कर्मचारियों की मांगे है कि उनका न्यूनतम बेसिक पे 18000 से बढ़कर 26000 किया जाए। हालांकि इस पर केंद्र सरकार की ओर से कोई संकेत नहीं मिला है। मार्च में वित्त राज्य मंत्री पी राधाकृष्णन ने साफ कहा था कि केंद्र सरकार न्यूनतम पे और फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाने पर कोई विचार नहीं कर रही है. साथ ही नई पेंशन योजना को हटाने की भी मांग कर रहे हैं।
वेब डेस्क, IBC24

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