दिल्ली में पड़ोसी ‘भाई’ ने बलात्कार का विरोध करने पर आठ वर्षीय बच्ची की हत्या की

दिल्ली में पड़ोसी ‘भाई’ ने बलात्कार का विरोध करने पर आठ वर्षीय बच्ची की हत्या की

दिल्ली में पड़ोसी ‘भाई’ ने बलात्कार का विरोध करने पर आठ वर्षीय बच्ची की हत्या की
Modified Date: December 25, 2024 / 06:33 am IST
Published Date: December 25, 2024 12:23 am IST

नयी दिल्ली, 24 दिसंबर (भाषा) दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के वसंत विहार में एक युवक ने बलात्कार की कोशिश का विरोध करने पर अपने पड़ोस में रहने वाली आठ वर्षीय बच्ची की मंगलवार को कथित तौर पर गला घोंटकर हत्या कर दी और उसके शव को सेना छावनी क्षेत्र में फेंक दिया। पुलिस ने यह जानकारी दी और कहा कि पीड़िता आरोपी को ‘भाई’ कहकर बुलाती थी।

‘आर्मी सर्वेंट क्वार्टर’ में रहने वाली बच्ची सोमवार शाम से अपने घर से लापता थी। पुलिस ने बताया कि मंगलवार सुबह शंकर विहार मिलिट्री स्टेशन के एक खाली मकान में उसका शव मिला और उसके गले में दुपट्टा का फंदा बंधा था।

एक अधिकारी के अनुसार, पड़ोस में रहने वाले 19 वर्षीय युवक की पहचान परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे की मदद से की गई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के माता-पिता भी एक सैन्य अधिकारी के यहां घरेलू सहायक के रूप में काम करते हैं।

अधिकारी ने कहा, ‘‘पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि वह पीड़िता को फुसला कर इलाके के एक सुनसान घर में ले गया और उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की। जब बच्ची ने विरोध किया, तो उसने उसका गला घोंट दिया। वह उसे भाई कहती थी।’’

आरोपी ने उसके गले में दुपट्टा बांधकर पुलिस को गुमराह करने की भी कोशिश की और इसे आत्महत्या का मामला साबित करने का प्रयास किया। उन्होंने बताया कि उसका शव कमरे में एक खिड़की के पास मिला।

एक पड़ोसी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि बच्ची अपने घर के बाहर खेल रही थी जब वह सोमवार शाम करीब छह बजे लापता हो गई।

उन्होंने कहा, ‘‘उसके माता-पिता के उसे ढूंढ़ने में नाकाम रहने के बाद सेना के अधिकारियों को सूचित किया गया। सेना के जवानों ने भी बच्ची को ढूंढ़ने में परिवार की मदद की।’’

एक अन्य अधिकारी ने कहा कि पुलिस को सूचना मिलने के तुरंत बाद मंगलवार को अपहरण का मामला दर्ज किया गया और स्थानीय पुलिस की एक टीम गठित कर तलाश शुरू की गई।

उन्होंने कहा कि प्राथमिकी में हत्या और अन्य धाराएं जोड़ी जाएंगी।

उन्होंने बताया कि पोस्टमॉर्टम के बाद बच्ची का शव उसके परिवार को सौंप दिया गया है, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का अभी इंतजार है।

भाषा संतोष नोमान

नोमान


लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।