आप सरकार स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को साकार करने के लिए पूरी तरह कटिबद्ध: भगवंत मान

आप सरकार स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को साकार करने के लिए पूरी तरह कटिबद्ध: भगवंत मान

आप सरकार स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को साकार करने के लिए पूरी तरह कटिबद्ध: भगवंत मान
Modified Date: July 31, 2026 / 07:31 pm IST
Published Date: July 31, 2026 7:31 pm IST

सुनाम, 31 जुलाई (भाषा) पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार उन स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, जिन्होंने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।

शहीद ऊधम सिंह के 87वें शहादत दिवस के मौके पर यहां राज्य-स्तरीय कार्यक्रम में मान ने कहा कि इस महान क्रांतिकारी की बेमिसाल देशभक्ति और सर्वोच्च बलिदान पीढ़ियों को निस्वार्थ भाव से देश की सेवा करने के लिए प्रेरित करता रहेगा तथा देश हमेशा इस महान शहीद का ऋणी रहेगा।

इससे पहले, मुख्यमंत्री ने शहीद ऊधम सिंह के सम्मान में स्मारक पर फूल चढ़ाए और श्रद्धांजलि अर्पित की।

मान ने शहीद ऊधम सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए ‘एक्स’ पर पोस्ट भी की।

मान ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘जलियांवाला बाग हत्याकांड का बदला लेने वाले महान क्रांतिकारी शहीद ऊधम सिंह जी के शहीदी दिवस पर, मैं उन्हें अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। देश के सम्मान और गौरव के लिए उनका अद्वितीय बलिदान हम सभी के लिए सदैव प्रेरणा का एक महान स्रोत बना रहेगा।’’

मान ने यहां एक जनसभा को भी संबोधित किया।

जनसभा में मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘आज हम शहीद ऊधम सिंह की शहादत के दिन उन्हें याद करते हुए, महान देशभक्त के प्रति अपना गहरा आभार व्यक्त करने के लिए यहां एकत्रित हुए हैं। उन्होंने जलियांवाला बाग में तत्कालीन ब्रिटिश सरकार द्वारा किए गए उस कायराना कृत्य का बदला लिया था। जालियांवाला बाग में (अविभाजित) पंजाब के तत्कालीन लेफ्टिनेंट गवर्नर माइकल ओ’डायर के प्रशासन के तहत सैकड़ों निहत्थे और निर्दोष भारतीयों को बेरहमी से गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया था। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘शहीद ऊधम सिंह ने यह सुनिश्चित किया कि लंदन के कैक्सटन हॉल में माइकल ओ’डायर को सज़ा मिले।’’

ऊधम सिंह ने 13 मार्च, 1940 को अविभाजित पंजाब के तत्कालीन लेफ्टिनेंट गवर्नर माइकल ओ’डायर को गोली मारकर 1919 के जलियांवाला बाग़ हत्याकांड का बदला लिया।

ऊधम सिंह को 31 जुलाई, 1940 को लंदन की पेंटनविले जेल में 40 साल की उम्र में फांसी दी गई।

भाषा

राजकुमार पवनेश

पवनेश


लेखक के बारे में