राज्य का दर्जा बहाल करने पर मतदान से बचने के लिए भाजपा बहाने बना रही है: उमर अब्दुल्ला

राज्य का दर्जा बहाल करने पर मतदान से बचने के लिए भाजपा बहाने बना रही है: उमर अब्दुल्ला

राज्य का दर्जा बहाल करने पर मतदान से बचने के लिए भाजपा बहाने बना रही है: उमर अब्दुल्ला
Modified Date: September 25, 2026 / 04:52 pm IST
Published Date: September 25, 2026 4:52 pm IST

श्रीनगर, 25 सितंबर (भाषा) जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायकों पर विधानसभा में हंगामा करने का आरोप लगाया और कहा कि भाजपा ऐसा इसलिए कर रही है ताकि वह जम्मू-कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने वाले प्रस्ताव पर मतदान से बच सके।

विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राठेर द्वारा सदन की कार्यवाही 30 मिनट के लिए स्थगित किए जाने के बाद विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बातचीत में अब्दुल्ला ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा पेश किया गया प्रस्ताव न तो अधिक स्वायत्तता के लिए था और न ही जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे से संबंधित है।

भाजपा विधायकों के हंगामे और नारेबाजी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘आपने देखा कि भाजपा ने कैसी प्रतिक्रिया दी। क्योंकि वे राज्य के दर्जे पर मतदान ही नहीं करना चाहते। वे किसी न किसी बहाने इस मतदान से पीछे हटना चाहते हैं।’’

प्रस्ताव पेश किए जाने के बाद सदन में हंगामा हुआ और विधायकों के बीच हाथापाई तक की स्थिति बन गई।

अब्दुल्ला ने कहा कि उन्होंने 26 जून 2000 को विधानसभा द्वारा पारित अधिक स्वायत्तता बहाली के प्रस्ताव या छह नवंबर 2024 को विशेष दर्जा बहाल करने के लिए पारित प्रस्ताव पर मत नहीं मांगा है।

उन्होंने कहा, ‘‘ आज कोई उनसे अनुच्छेद 370 पर वोट करने के लिए नहीं कह रहा है। आज कोई उनसे जम्मू-कश्मीर की विशेष स्थिति, विशेष दर्जे या स्वायत्तता पर वोट करने के लिए नहीं कह रहा है। ये प्रस्ताव पहले ही पारित हो चुके हैं और वे सदन की संपत्ति हैं।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि शुक्रवार को पेश किया गया नया प्रस्ताव पहले के प्रस्तावों को समाप्त या उनमें शामिल नहीं करता।

उन्होंने कहा, ‘‘ हम उन प्रस्तावों को दोबारा मतदान के लिए नहीं ला रहे। सदन उन्हें पहले ही पारित कर चुका है। आज हम भाजपा से केवल और केवल राज्य के दर्जे के मुद्दे पर वोट मांग रहे हैं और वे राज्य के दर्जे पर मतदान करने के लिए तैयार नहीं हैं।।

अब्दुल्ला ने कहा कि उन्होंने यह प्रस्ताव इसलिए पेश किया क्योंकि जम्मू-कश्मीर विधानसभा जनता की आवाज का प्रतिनिधित्व करती है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम चाहते थे कि यहां एक प्रस्ताव पारित हो और उसे भारत सरकार को भेजा जाए, जिसमें कहा जाए कि जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा तत्काल बहाल किया जाना चाहिए।’’

भाजपा विधायक श्याम लाल शर्मा द्वारा पिछले दो वर्षों के शासन के लिए सरकार को जवाबदेह ठहराए जाने संबंधी टिप्पणी पर अब्दुल्ला ने कहा कि वह इस पर चर्चा के लिए तैयार हैं।

अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘सोमवार को चर्चा करिए। पिछले दो वर्षों में हमारा प्रदर्शन कैसा रहा, हम सब कुछ सदन के सामने रखेंगे। इन दो वर्षों में हमें जिन कठिनाइयों और समस्याओं का सामना करना पड़ा, उन्हें भी सामने रखेंगे। इसके बाद हमें उम्मीद है कि सदन इस प्रस्ताव पर मतदान करेगा और हम इसे केंद्र सरकार को भेजेंगे।’’

भाजपा द्वारा प्रस्ताव को ‘राष्ट्रविरोधी’ बताए जाने पर अब्दुल्ला ने कहा कि राज्य का दर्जा मांगना किसी को राष्ट्रविरोधी नहीं बनाता।

भाषा शोभना पवनेश

पवनेश


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