आप विधायक चैतर वसावा और आग से जान गंवाने वाले श्रमिक के रिश्तेदार ने एक-दूसरे को थप्पड़ मारे

आप विधायक चैतर वसावा और आग से जान गंवाने वाले श्रमिक के रिश्तेदार ने एक-दूसरे को थप्पड़ मारे

आप विधायक चैतर वसावा और आग से जान गंवाने वाले श्रमिक के रिश्तेदार ने एक-दूसरे को थप्पड़ मारे
Modified Date: April 27, 2026 / 11:00 pm IST
Published Date: April 27, 2026 11:00 pm IST

भरूच, 27 अप्रैल (भाषा) आम आदमी पार्टी के विधायक चैतर वसावा और गुजरात के भरूच जिले में एक कारखाने में आग लगने से जान गंवाने वाले एक मजदूर के एक रिश्तेदार ने सोमवार को मृतक के परिजनों को मिलने वाले मुआवजे को लेकर तनाव के बीच एक-दूसरे को थप्पड़ मार दिया गया। इस घटना का वीडियो वायरल हो गया।

झागड़िया जीआईडीसी में 23 अप्रैल को एक रसायन कारखाने में लगी आग में 16 मजदूर झुलस गए और बाद में राकेश वसावा सहित दो लोगों की इलाज के दौरान मौत हो गई।

राकेश की मौत के एक दिन बाद उनके रिश्तेदार रोशन वसावा मृतक कर्मचारी के परिजनों के लिए मुआवजे पर चर्चा करने के लिए कारखाने परिसर पहुंचे।

इसी बीच आम आदमी पार्टी के नेता और देदियापाड़ा (एसटी) विधायक चैतर वासावा भी अपने समर्थकों और घायल श्रमिकों के परिजनों के साथ कारखाने परिसर पहुंचे और सभी पीड़ितों के लिए अधिक मुआवजे की मांग की।

एक वायरल वीडियो में विधायक फैक्टरी के गेट के पास रोशन से किसी मुद्दे पर बहस करते हुए और अचानक एक पुलिस अधिकारी की मौजूदगी में उसे थप्पड़ मारते हुए दिखायी दे रहे हैं।

रोशन ने भी पलटवार करते हुए विधायक को थप्पड़ मार दिया, जिसके बाद अन्य लोगों ने उन्हें अलग किया।

घटना के बाद पत्रकारों से बात करते हुए रोशन वसावा ने विधायक पर गंभीर आरोप लगाए।

उन्होंने कहा, ‘चैतर वसावा यहां आए और लोगों को भड़काने लगे। मैं जानता हूं कि वह यहां (कंपनी से) पैसे वसूलने आए थे, न कि हमारे (आदिवासी) समुदाय की मदद करने। मैं किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ा नहीं हूं। मैं यहां अपने परिवार के लिए आया हूं।’

रोशन ने कहा कि न तो किसी पुलिसकर्मी ने उसे परेशान किया और न ही उसे किसी विशेष तरीके से प्रतिक्रिया करने के लिए सिखाया गया।

उन्होंने कहा, ‘अगर यहां कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ती है तो इसके लिए चैतर वसावा पूरी तरह से जिम्मेदार होंगे।’

आरोपों का जवाब देते हुए, आम आदमी पार्टी के विधायक ने दावा किया कि पीड़ितों के परिजनों ने न्याय की मांग करते हुए उनसे संपर्क किया जिसके बाद उन्होंने कारखाने का दौरा किया था।

पुलिस अधिकारियों ने अभी तक कोई बयान जारी नहीं किया है और कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है।

भाषा

शुभम वैभव

वैभव


लेखक के बारे में