झारखंड परीक्षा अनियमितता मामले में सीआईडी ने अभय तिवारी की पत्नी, भाई को गिरफ्तार किया

झारखंड परीक्षा अनियमितता मामले में सीआईडी ने अभय तिवारी की पत्नी, भाई को गिरफ्तार किया

झारखंड परीक्षा अनियमितता मामले में सीआईडी ने अभय तिवारी की पत्नी, भाई को गिरफ्तार किया
Modified Date: August 18, 2026 / 10:28 pm IST
Published Date: August 18, 2026 10:28 pm IST

रांची, 18 अगस्त (भाषा) झारखंड सीआईडी ने भर्ती परीक्षा में अनियमितताओं के मामले में संदिग्ध मुख्य आरोपी अभय तिवारी की पत्नी और भाई को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि उसकी पत्नी सुषमा कुमारी और भाई अक्षय तिवारी को एजेंसी के कार्यालय में कई घंटे तक पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया।

सीआईडी ने गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के पद पर तैनात अभय तिवारी को भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं के मामले में 22 जुलाई को गिरफ्तार किया था।

अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान सीआईडी को पता चला कि तिवारी ने पिछले 13 वर्ष में करीब 12 प्रतियोगी परीक्षाएं पास की थीं।

सीआईडी के अनुसार, इनमें 2018 की पुलिस उपनिरीक्षक परीक्षा, 2013 की नौसेना एसएआर परीक्षा, 2014 की भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बीएआरसी) सहायक परीक्षा, आईआरबी कांस्टेबल परीक्षा, 2018 की सीआरपीएफ हेड कांस्टेबल परीक्षा और 2014 की नॉर्दर्न कोलफील्ड्स (एनसीएल) परीक्षा शामिल हैं।

टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के पूर्व मार्केटिंग मैनेजमेंट कर्मचारी तिवारी ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) द्वारा आयोजित पीजीटी शिक्षक और संयुक्त स्नातक स्तरीय (सीजीएल) परीक्षाएं भी पास की थीं। इसके अलावा उसने सहायक वन संरक्षक (एसीएफ), वन क्षेत्र पदाधिकारी (एफआरओ) और खाद्य सुरक्षा अधिकारी (एफएसओ) की परीक्षाएं भी पास की थीं।

अधिकारियों ने बताया कि तिवारी झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) द्वारा आयोजित 11वीं और 13वीं झारखंड संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षाएं भी पास की थीं।

एक अधिकारी ने बताया कि सीआईडी तिवारी की उम्मीदवारी से जुड़े रिकॉर्ड, आवेदन पत्र, दस्तावेज, मूल्यांकन रिकॉर्ड, चयन प्रक्रिया का विवरण और परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों द्वारा दी गई अन्य जानकारी की जांच कर रही है।

अधिकारी ने कहा कि तिवारी ने जांचकर्ताओं को बताया कि अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होने के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए कथित तौर पर अलग-अलग ‘‘रेट चार्ट’’ इस्तेमाल किए जाते थे और इनकी रकम दो लाख रुपये से लेकर 70 लाख रुपये तक थी।

इस बीच, एजेंसी ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) के सचिव सुधीर गुप्ता से भी आयोग द्वारा आयोजित परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के संबंध में पूछताछ की।

अधिकारी ने बताया कि सोमवार को जेएसएससी कार्यालय पर सीआईडी की छापेमारी के दौरान जुटाए गए सबूतों के आधार पर गुप्ता से कई घंटे तक पूछताछ की गई।

राज्य सरकार ने सोमवार को प्रदर्शन कर रहे छात्रों की प्रमुख मांगों में से एक मांग यानी जेएसएससी-संयुक्त स्नातक स्तरीय (सीजीएल) परीक्षा रद्द करने की घोषणा की थी। इसके साथ ही आउटसोर्स एजेंसी टीडीपीएल द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं और उसके द्वारा जारी परिणामों को भी रद्द करने की घोषणा की गई।

दो और लोगों की गिरफ्तारी के बाद भर्ती परीक्षा कथित अनियमितता मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 22 हो गई है।

भाषा जोहेब सुरेश

सुरेश


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