MiG-21 से अभिनंदन ने PAK के F-16 को उड़ाया था… उस स्‍क्‍वाड्रन को रिटायर कर रही एयरफोर्स, जानें क्यों?

मिग-21 बाइसन को उड़ा रहे अभिनंदन ने पाकिस्‍तानी वायुसेना के F-16 लड़ाकू विमान को मार गिराया था। एक पुराने जेट से सुपीरियर जेट को उड़ाने का कारनामा करने वाले अभिनंदन को 'वीर चक्र' से नवाजा गया था।

MiG-21 से अभिनंदन ने PAK के F-16 को उड़ाया था… उस स्‍क्‍वाड्रन को रिटायर कर रही एयरफोर्स, जानें क्यों?

Air Force banned MIG 21

Modified Date: November 29, 2022 / 08:23 pm IST
Published Date: September 20, 2022 5:15 pm IST

MiG-21… Airforce retiring: नई दिल्‍ली: भारतीय एयरफोर्स ने श्रीनगर बेस्‍ड मिग-21 स्‍क्‍वाड्रन ‘Sword Arms’ को रिटायर करने का फैसला किया है। यह भारत में बची मिग-21 लड़ाकू विमानों की चार स्‍क्‍वाड्रंस में से एक है। नंबर 51 स्‍क्‍वाड्रन Sword Arms वही है जिसका हिस्‍सा रहते हुए विंग कमांडर (अब ग्रुप कैप्‍टन) अभिनंदन वर्धमान ने फरवरी 2019 में जबर्दस्‍त शौर्य दिखाया था। मिग-21 बाइसन को उड़ा रहे अभिनंदन ने पाकिस्‍तानी वायुसेना के F-16 लड़ाकू विमान को मार गिराया था। एक पुराने जेट से सुपीरियर जेट को उड़ाने का कारनामा करने वाले अभिनंदन को ‘वीर चक्र’ से नवाजा गया था। मिग-21 लड़ाकू विमानों को चार दशक से भी पहले भारतीय वायुसेना में शामिल गया था। तब से लेकर अबतक इनमें से कई लड़ाकू विमान दुर्घटना का शिकार हुए हैं। वायुसेना ने कई जांबाज पायलट्स को मिग-21 क्रैश में गंवाया है। मिग-21 लड़ाकू विमानों को मीडिया अक्‍सर ‘उड़ता ताबूत’ बुलाता है।

क्‍यों रिटायर हो रहीं मिग-21 लड़ाकू विमानों की स्‍क्‍वाड्रंस

रक्षा सूत्रों के मुताबिक, ‘जब भारतीय वायुसेना का कोई विमान हवा में होता है तो वह पूरी तरह सर्विसेबल होता है।’ एनडीटीवी ने एक सूत्र के हवाले से कहा, ‘उम्र एक फैक्‍टर है लेकिन हमने ऐसी रिपोर्ट्स भी देखी हैं जहां मॉडर्न एयरक्राफ्ट भी क्रैश हुए। क्रैश कई वजहों से हो सकता है, जिनमें मौसम भी एक है।’

बार-बार हादसों का शिकार हुए मिग-21 को एयरफोर्स से बाहर करने की मांग लंबे वक्‍त से होती रही है। सरकार ने कई मौकों पर कहा कि चरणबद्ध तरीके से इस रूसी लड़ाकू विमान को फेजआउट किया जाएगा। प्‍लान के अनुसार, 51 नंबर स्‍क्‍वाड्रन को सितंबर के आखिर तक रिटायर कर दिया जाएगा। मिग-21 की बाकी तीन स्‍क्‍वाड्रंस को भी 2025 तक बाहर किया जाएगा। सोवियत युग का यह लड़ाकू विमान भारत की रक्षा पंक्ति का अहम किरदार रहा है। हालांकि, बीच-बीच में मिग-21 विमानों के क्रैश होने की घटनाएं सामने आईं जिनमें कई पायलट्स की जान गई।

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MiG-21 vs F-16

फरवरी 2019 में पुलवामा आतंकी हमला हुआ। करीब दो हफ्ते बाद, 26 फरवरी 2019 को भारतीय वायुसेना के जेट्स ने पाकिस्‍तान के बालाकोट स्थित आतंकी ट्रेनिंग कैम्‍पों को निशाना बनाया। अगले दिन पाकिस्‍तान वायुसेना (PAF) ने जवाब देने के लिए भारत के सैन्‍य ठिकानों को टारगेट करने की कोशिश की। उस वक्‍त श्रीनगर में तैनात रहे अभिनंदन ने मिग-21 में उड़ान भरी और पाकिस्‍तानी जेट्स को खदेड़ना शुरू किया। हवाई लड़ाई में उनके मिग-21 का मुकाबला PAF को अमेरिका से मिले आधुनिक F-16 जेट्स से था। अभिनंदन का मिग-21 बाइसन PAF का शिकार होता, उससे पहले उन्‍होंने F-16 की धज्जियां उड़ा दी थीं। बाद में अभिनंदन के विमान की पाकिस्तान में कैश लैंडिंग हुई। 2019 में स्‍वतंत्रता दिवस पर अभिनंदन को शांतिकाल में भारत के तीसरे सर्वोच्‍च सैन्‍य सम्‍मान ‘वीर चक्र’ से नवाजा गया।

1999 के करगिल युद्ध के दौरान ऑपरेशन ‘सफेद सागर’ में लिया हिस्‍सा

IAF का गौरव है Sword Arms नं. 51 स्‍क्‍वाड्रन यानी Sword Arms भारतीय वायुसेना की सबसे सम्‍मानित स्‍क्‍वाड्रंस में से एक है। इसका गठन 1985 में चंडीगढ़ में हुआ था। Sword Arms का मोटो ‘विजय पराक्रम’ है। इस स्‍क्‍वाड्रन ने 1999 के करगिल युद्ध के दौरान ऑपरेशन ‘सफेद सागर’ में हिस्‍सा लिया। भारत रक्षक वेबसाइट के अनुसार, इसे एक वायुसेना मेडल और तीन मेंशन-इन-डिस्‍पैचेज से नवाजा गया। ऑपरेशन पराक्रम के दौरान इस स्‍क्‍वाड्रन को कश्‍मीर घाटी की हवाई सुरक्षा का जिम्‍मा सौंपा गया। 2018 में इस स्‍क्‍वाड्रन को प्रेजिडेंट्स स्‍टैंडडर्स से सम्‍मानित किया गया।

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लेखक के बारे में

डॉ.अनिल शुक्ला, 2019 से CG-MP के प्रतिष्ठित न्यूज चैनल IBC24 के डिजिटल ​डिपार्टमेंट में Senior Associate Producer हैं। 2024 में महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय से Journalism and Mass Communication विषय में Ph.D अवॉर्ड हो चुके हैं। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से M.Phil और कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर से M.sc (EM) में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। जहां प्रावीण्य सूची में प्रथम आने के लिए तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा के हाथों गोल्ड मेडल प्राप्त किया। इन्होंने गुरूघासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर से हिंदी साहित्य में एम.ए किया। इनके अलावा PGDJMC और PGDRD एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स भी किया। डॉ.अनिल शुक्ला ने मीडिया एवं जनसंचार से संबंधित दर्जन भर से अधिक कार्यशाला, सेमीनार, मीडिया संगो​ष्ठी में सहभागिता की। इनके तमाम प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं में लेख और शोध पत्र प्रकाशित हैं। डॉ.अनिल शुक्ला को रिपोर्टर, एंकर और कंटेट राइटर के बतौर मीडिया के क्षेत्र में काम करने का 15 वर्ष से अधिक का अनुभव है। इस पर मेल आईडी पर संपर्क करें anilshuklamedia@gmail.com