Abhishek Banerjee Budget Speech: ‘बच्चा पैदा होते ही टैक्स, मरने पर भी टैक्स!’ लोकसभा में सांसद अभिषेक बनर्जी ने सरकार को घेरा, लोकसभा में गिनाई पूरी लिस्ट

Abhishek Banerjee Budget Speech: 'बच्चा पैदा होते ही टैक्स, मरने पर भी टैक्स!' लोकसभा में सांसद अभिषेक बनर्जी ने सरकार को घेरा, लोकसभा में गिनाई पूरी लिस्ट

Abhishek Banerjee Budget Speech: ‘बच्चा पैदा होते ही टैक्स, मरने पर भी टैक्स!’ लोकसभा में सांसद अभिषेक बनर्जी ने सरकार को घेरा, लोकसभा में गिनाई पूरी लिस्ट

Abhishek Banerjee Budget Speech/Image Source: ANI

Modified Date: February 11, 2026 / 01:48 pm IST
Published Date: February 11, 2026 1:46 pm IST
HIGHLIGHTS
  • BJP सरकार पर अभिषेक बनर्जी का तीखा वार,
  • टैक्स सिस्टम को बताया ‘जिंदगी भर का बोझ’
  • लोकसभा में बजट पर गरजे अभिषेक बनर्जी

नई दिल्ली : Abhishek Banerjee Budget Speech: लोकसभा में बजट पर चर्चा के दौरान तृणमूल कांग्रेस (AITC) सांसद अभिषेक बनर्जी ने केंद्र सरकार की टैक्स नीतियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मौजूदा व्यवस्था को “टैक्स आतंक” करार देते हुए कहा कि भारत में एक आम नागरिक जन्म से लेकर मृत्यु के बाद तक करों के जाल में फंसा रहता है।

‘जन्म से मौत तक टैक्स ही टैक्स!’ (Lok Sabha Budget Debate)

Abhishek Banerjee Budget Speech: अभिषेक बनर्जी ने सदन में उदाहरण देते हुए कहा कि बच्चा पैदा होते ही दूध, डायपर और शिशु उत्पादों पर टैक्स लगता है, पढ़ाई के दौरान स्टेशनरी और शिक्षा से जुड़ी चीजों पर टैक्स, नौकरी करने पर इनकम टैक्स, भविष्य के लिए बचत करने पर सेविंग्स पर टैक्स, रोजमर्रा के काम के लिए ईंधन पर टैक्स, बीमा लेने पर इंश्योरेंस पर टैक्स, बीमारी के समय इलाज और दवाइयों पर टैक्स, बुढ़ापे में पेंशन और हेल्थकेयर पर टैक्स, और अंत में मृत्यु के बाद भी परिवार पर टैक्स का बोझ डाला जाता है। उन्होंने कहा कि आज का आम नागरिक प्रभावी रूप से “ट्रिपल टैक्स” देता है पहला आयकर, दूसरा उपभोग पर जीएसटी, और तीसरा महंगाई, जिसे उन्होंने “मोस्ट साइलेंट टैक्स” बताया।

लोकसभा में अभिषेक बनर्जी का जोरदार हमला (Triple tax remark Abhishek Banerjee)

Abhishek Banerjee Budget Speech: अभिषेक बनर्जी ने कहा कि मैं ऐसे भारत से आता हूं जो खुद को विश्व गुरु कहता है, लेकिन मैं ऐसे भारत से भी आता हूं जहां एक ही नागरिक से तीन-तीन तरह के टैक्स वसूले जाते हैं। सांसद ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भारी सब्सिडी वाले विदेशी कृषि उत्पादों के लिए भारतीय बाजार खोलना किसानों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि केवल घोषणाओं तक सीमित न रहकर किसानों की आय सुरक्षा और संस्थागत समर्थन सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही अभिषेक बनर्जी ने बंगाली पहचान को लेकर कथित भेदभाव का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि मैं ऐसे भारत से आता हूं जहां बंगाली बोलने पर आपको बांग्लादेशी कहा जाता है और मछली खाने पर मुगल बताया जाता है। उन्होंने कहा कि “जय बांग्ला” और “आमार सोनार बांग्ला” जैसे नारे, जो बंगाल की संस्कृति और इतिहास से जुड़े हैं, आज संदेह की नजर से देखे जा रहे हैं।

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लेखक के बारे में

टिकेश वर्मा- जमीनी पत्रकारिता का भरोसेमंद चेहरा... टिकेश वर्मा यानी अनुभवी और समर्पित पत्रकार.. जिनके पास मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव हैं। राजनीति, जनसरोकार और आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से सरकार से सवाल पूछता हूं। पेशेवर पत्रकारिता के अलावा फिल्में देखना, क्रिकेट खेलना और किताबें पढ़ना मुझे बेहद पसंद है। सादा जीवन, उच्च विचार के मानकों पर खरा उतरते हुए अब आपकी बात प्राथिकता के साथ रखेंगे.. क्योंकि सवाल आपका है।