Abhishek Banerjee PA Sumit Roy Arrest: TMC नेता का PA सुमित रॉय गिरफ्तार, जमानत याचिका खारिज होते ही CID ने किया अरेस्ट
Abhishek Banerjee PA Sumit Roy Arrest: TMC नेता का PA सुमित रॉय गिरफ्तार, जमानत याचिका खारिज होते ही CID ने किया अरेस्ट
Abhishek Banerjee PA Sumit Roy Arrest: TMC नेता का PA सुमित रॉय गिरफ्तार, जमानत याचिका खारिज होते ही CID ने किया अरेस्ट /image: Social Media
- सुमित रॉय गिरफ्तार
- SC ने जमानत याचिका खारिज की
- सरकारी जमीन घोटाले में कार्रवाई
नई दिल्ली। Abhishek Banerjee PA Sumit Roy Arrest: उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) ने तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) नेता अभिषेक बनर्जी (TMC Leader Abhishek Banerjee) के निजी सहायक सुमित रॉय (Sumit Roy Supreme Court News) की सालबोनी जमीन घोटाला मामले में अग्रिम जमानत याचिका बृहस्पतिवार को खारिज कर दी। इधर अग्रिम जमानत याचिका ख़ारिज होते ही CID ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। आरोप हैं कि पश्चिम बंगाल (West Bengal Land Scam) की सरकारी जमीन को कथित तौर पर बेच दिया गया और बिक्री से मिली रकम पार्टी के खाते में जमा कराई गई।
Abhishek Banerjee PA Sumit Roy Arrest प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने छह अगस्त के अपने उस पुराने आदेश को भी वापस ले लिया, जिसमें रॉय की गिरफ्तारी पर रोक लगाई गई थी।
पूछताछ के लिए किया गया गिरफ्तार
Sumit Roy Arrest न्यायालय के इस आदेश के बाद अब सुमित रॉय को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए गिरफ्तार किया गया है। पीठ ने रॉय की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन और राज्य सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की दलीलें सुनने के बाद रॉय को राहत देने से इनकार कर दिया।
इससे पहले तीन अगस्त को कलकत्ता उच्च न्यायालय ने कथित सरकारी जमीन घोटाला मामले में रॉय की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इस मामले की जांच सालबोनी पुलिस कर रही है। मामला धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी, जाली दस्तावेजों के इस्तेमाल और आपराधिक साजिश से संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया है।
SC का अग्रिम से इनकार
Abhishek Banerjee PA Sumit Roy Arrest सॉलिसिटर जनरल ने अंतरिम राहत का कड़ा विरोध करते हुए कहा था कि मामले की जांच के लिए रॉय को हिरासत में लेकर पूछताछ करना जरूरी है। न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की अध्यक्षता वाली उच्च न्यायालय की पीठ ने रॉय को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया था।
राज्य सरकार के वकील ने उच्च न्यायालय को बताया था कि जांच के दौरान सरकारी जमीन से संबंधित फर्जी स्वामित्व दस्तावेज (टाइटल डीड) सामने आए हैं। अभियोजन पक्ष का आरोप है कि स्थानीय नेताओं और प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत से सरकारी जमीन का हस्तांतरण किया गया था।
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