अभिषेक ने तृणमूल की चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए की बैठक

Ads

अभिषेक ने तृणमूल की चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए की बैठक

  •  
  • Publish Date - April 15, 2026 / 09:11 AM IST,
    Updated On - April 15, 2026 / 09:11 AM IST

कोलकाता, 15 अप्रैल (भाषा) तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा और प्रचार रणनीति तय करने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ एक बैठक की।

तृणमूल कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने मंगलवार को बताया कि बनर्जी ने डिजिटल माध्यम से पार्टी पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए विश्वास जताया कि सत्तारूढ़ पार्टी 2021 से बेहतर जनादेश हासिल करेगी।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि बंगाल की जनता हमें पिछली बार से भी ज्यादा मजबूत जनादेश देगी। हमारा मत प्रतिशत न केवल कायम रहेगा बल्कि निर्णायक रूप से पिछले स्तर से आगे जाएगा।’’

उन्होंने यह भी कहा कि विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) भी जमीनी हकीकत से वाकिफ है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग भाजपा के पक्ष में काम कर रहा है और बड़े पैमाने पर संसाधनों का इस्तेमाल करके ऐसा दिखाया जा रहा है कि जैसे माहौल भाजपा के पक्ष में है।

बनर्जी ने कहा, ‘‘चुनाव आयोग और कुछ एजेंसियां भाजपा के साथ मिलकर काम करती प्रतीत होती हैं। ऐसी धारणा बनाने की कोशिश की जा रही है कि भाजपा जमीन पर मजबूत हो रही है..। साथ ही, लाखों मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने का आरोप है, जिससे उसके राजनीतिक रुझान को लेकर अनुमान लगाए जा रहे हैं।’’

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मतदान से पहले ‘तृणमूल के गुंडों’ को चेतावनी देने वाले कथित बयान पर निशाना साधते हुए बनर्जी ने आरोप लगाया कि यह बंगाल के मतदाताओं को धमकाने की कोशिश है।

उन्होंने कहा, ‘‘ ऐसे बयान जिनमें लोगों को मतदान के दिन घरों में रहने के लिए कहा गया है, डराने-धमकाने के प्रयास हैं। बंगाल का बाहरी दबाव का विरोध करने का गौरवशाली इतिहास रहा है और ऐसे बयान यहां के मतदाताओं को प्रभावित नहीं करेंगे।’’

बनर्जी ने भाजपा नीत केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए आई-पैक के सह-संस्थापक विनेश चंदेल की गिरफ्तारी पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्ष से जुड़े लोगों को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमसे जुड़े लोगों में डर पैदा करने के लिए एजेंसियों के दुरुपयोग के संकेत साफ हैं। हालांकि, ऐसी रणनीतियां हमारे जमीनी संकल्प को और मजबूत करेंगी।’’

अधिकारियों ने बताया कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर तृणमूल और भाजपा के बीच कड़ा मुकाबला है। चुनाव दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होंगे, जबकि मतगणना चार मई को की जाएगी।

भाषा गोला शोभना

शोभना