‘अर्दली’ व्यवस्था को चार महीने में पूरी तरह से खत्म करें : उच्च न्यायालय

‘अर्दली’ व्यवस्था को चार महीने में पूरी तरह से खत्म करें : उच्च न्यायालय

‘अर्दली’ व्यवस्था को चार महीने में पूरी तरह से खत्म करें : उच्च न्यायालय
Modified Date: November 29, 2022 / 08:10 pm IST
Published Date: August 23, 2022 6:25 pm IST

चेन्नई, 23 अगस्त (भाषा) मद्रास उच्च न्यायालय ने मंगलवार को तमिलनाडु के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी), शहर के पुलिस आयुक्त और अन्य अधिकारियों को अगले चार महीने में राज्य में मौजूद ‘अर्दली’ व्यवस्था को पूरी तरह से खत्म करने का निर्देश दिया।

न्यायमूर्ति एस एम सुब्रमण्यम ने यू मानिकवेल की तरफ से दायर एक रिट याचिका का निपटारा करते हुए यह निर्देश जारी किया। मानिकवेल ने 2014 में एक उच्च अधिकारी द्वारा जारी आदेश को चुनौती दी थी, जिसके तहत उन्हें पुलिस क्वार्टर खाली करने का निर्देश दिया गया था। हालांकि, उन्होंने हाल ही में संबंधित परिसर को खाली कर दिया।

न्यायाधीश ने पुलिस आयुक्त और पुलिस महानिदेशक द्वारा दायर जवाबी हलफनामों तथा अन्य पुलिस अधिकारियों की ओर से दिए गए संबंधित शपथपत्र के आधार पर अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि राज्य के गृह विभाग की ओर से सितंबर 1979 में जारी एक सरकारी आदेश के अनुसार अर्दली व्यवस्था पूरी तरह से समाप्त कर दी जाए।

उच्च न्यायालय ने उक्त कार्रवाई चार महीने के भीतर करने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि अगर सेवानिवृत्त अधिकारियों के आवास पर अर्दली प्रतिनियुक्त हैं तो उन्हें तत्काल हटाया जाए, क्योंकि इसे अवैध और कानून का उल्लंघन माना जाएगा।

न्यायाधीश ने कहा कि अधिकारी किसी भी व्यक्ति से कदाचार या अपराध के संबंध में कोई शिकायत या सूचना प्राप्त होने की स्थिति में जांच करेंगे और संबंधित कानून और आचार, अनुशासन एवं अपील संबंधी नियम के तहत उचित कार्रवाई शुरू करेंगे।

उन्होंने कहा कि अधिकारियों को आधिकारिक पुलिस क्वार्टर में अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान करनी चाहिए और कानून के प्रावधानों व लागू नियमों के तहत बेदखली के लिए सभी कदम उठाने चाहिए।

भाषा पारुल दिलीप

दिलीप


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