डाइक की जेल में ‘अमेरिकी आहार’ की मांग वाली याचिका पर प्रशासन ने जवाब दाखिल किया
डाइक की जेल में 'अमेरिकी आहार' की मांग वाली याचिका पर प्रशासन ने जवाब दाखिल किया
नयी दिल्ली, 21 जुलाई (भाषा) तिहाड़ जेल प्रशासन ने मंगलवार को अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैन डाइक की उस याचिका पर जवाब दाखिल किया जिसमें उसने जेल में रहने के दौरान ‘अमेरिकी आहार’ उपलब्ध कराने की मांग की है।
डाइक के खिलाफ आतंकवादी साजिश मामले में कथित रूप से एक ‘भाड़े के लड़ाके’ के रूप में शामिल होने का आरोप है।
इस महीने की शुरुआत में डाइक के वकील रोहित दांद्रियाल और रोहित गौर ने कहा था कि उन्होंने विशेष न्यायाधीश प्रशांत शर्मा के समक्ष एक याचिका दायर कर मानवीय आधार पर उसे अमेरिकी शैली का भोजन उपलब्ध कराने की अनुमति मांगी थी।
भारत और म्यामां में जातीय सशस्त्र समूहों से संबंधों के आरोपों के चलते आतंकवादी साजिश मामले में आरोपी डाइक फिलहाल न्यायिक हिरासत में है और तिहाड़ जेल में बंद है।
वकीलों ने बताया कि मंगलवार को संबंधित जेल अधीक्षक की ओर से जवाब दाखिल किया गया।
उन्होंने कहा कि अदालत को बताया गया कि उनका मुवक्किल स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहा है, जिसके कारण वह ‘तेलयुक्त’ और ‘मसालेदार’ भारतीय भोजन का सेवन नहीं कर सकता।
साथ ही, आरोपी की गरिमा की रक्षा के लिए उसे वह भोजन उपलब्ध कराया जा सकता है जिसका वह आदी रहा है और यह संविधान के तहत एक अनिवार्य प्रावधान है।
वकीलों ने बताया कि उन्होंने अदालत से अपने मुवक्किल को अपना भोजन खुद पकाने की अनुमति देने का अनुरोध भी किया था।
उन्होंने कहा कि अदालत ने उनकी दलीलों को स्वीकार करते हुए जेल अधीक्षक को निर्देश दिया कि डाइक के भोजन को तैयार करने के लिए एक रसोइये की व्यवस्था की जाए।
वकीलों के अनुसार, न्यायाधीश शर्मा ने अधिकारियों से डाइक के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखने को कहा।
उन्होंने बताया कि दोनों वकील बुधवार को चिकित्सा अधिकारी और जेल अधीक्षक की मौजूदगी में डाइक से मिलने जेल जाएंगे और इसके बाद रसोइया उनकी उपस्थिति में भोजन तैयार करेगा।
वकीलों ने डाइक द्वारा मांगे गए ‘अमेरिकी शैली’ के खाद्य पदार्थों की सूची का खुलासा नहीं किया और न ही यह बताया कि अदालत ने कथित तौर पर किन खाद्य पदार्थों की अनुमति दी है।
उन्होंने कहा कि यह जानकारी बुधवार को जेल जाने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
उन्होंने बताया कि अदालत ने डाइक को एक इलेक्ट्रिक केतली और मच्छरदानी उपलब्ध कराने की भी अनुमति दे दी।
इससे पहले अदालत ने डाइक की एक याचिका पर जेल प्रशासन से जवाब मांगा था।
याचिका में कहा गया था कि वह कथित तौर पर करीब 50 दिनों तक ‘भूख हड़ताल’ पर था। इस दौरान उसने मुख्य रूप से सोया मिल्क जैसे तरल पदार्थों का सेवन किया, क्योंकि वह जेल में आमतौर पर परोसे जाने वाले ‘मसालेदार, तेलयुक्त और तले हुए भोजन’ को सहन नहीं कर पा रहा था।
अमेरिकी नागरिक डाइक को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 13 मार्च को छह यूक्रेनी नागरिकों के साथ गिरफ्तार किया था।
आरोप है कि ये लोग म्यांमा के रास्ते मिजोरम सीमा से भारत में घुसे थे और बाद में देश के विभिन्न घरेलू हवाई अड्डों पर उन्हें पकड़ा गया।
आरोप है कि यह समूह भाड़े के लड़ाकों के रूप में काम कर रहा था। इस मामले में व्यापक आतंकवादी साजिश की जांच की जा रही है, जिसमें भारत और म्यांमा के जातीय सशस्त्र समूहों को सहायता देना और उन्हें ड्रोन प्रशिक्षण प्रदान करना भी शामिल है।
भाषा रंजन रंजन नरेश
नरेश

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