अदालती मामलों की खबरें देते समय जिम्मेदारी भरा पत्रकारिता आचरण अपनाएं : केरल उच्च न्यायालय

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अदालती मामलों की खबरें देते समय जिम्मेदारी भरा पत्रकारिता आचरण अपनाएं : केरल उच्च न्यायालय

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  • Publish Date - June 22, 2023 / 05:39 PM IST,
    Updated On - June 22, 2023 / 05:39 PM IST

कोच्चि, 22 जून (भाषा) केरल उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को मीडिया से अदालती मामलों की खबरें देते समय ‘जिम्मेदारी भरा पत्रकारिता आचरण अपनाने’ को कहा क्योंकि सुनवाई के दौरान न्यायाधीश द्वारा की गई मौखिक टिप्पणियों के आधार पर ‘‘अनुचित बयानों’’ से वादी की गरिमा और प्रतिष्ठा को नुकसान हो सकता है।

न्यायमूर्ति ए के जयशंकरन नांबियार और न्यायमूर्ति मोहम्मद नियास सी. पी. की पीठ ने यह टिप्पणी की। पीठ ने मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के निजी सचिव की पत्नी प्रिया वर्गीस की कन्नूर विश्वविद्यालय में मलयालम एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर नियुक्ति से संबंधित मुकदमे की सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की।

पीठ ने कहा कि ”प्राय:” ऐसे अवसर आते हैं जब शैक्षणिक मामलों में कोई फैसला किसी न किसी वजह से मीडिया का ध्यान खींचता है। ऐसी परिस्थितियों में, अदालत को लगातार अखबार एवं चैनल पर चर्चाओं और सोशल मीडिया में कई पोस्ट के कारण होने वाली अतिरिक्त व्याकुलता से निपटना पड़ता है।

पीठ ने कहा, ‘यही कारण है कि अदालतों ने कई बार प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से कहा है कि वे संयम बरतते हुए, अदालत के समक्ष लंबित मामलों पर चर्चा को टाल दें जिससे न्याय की प्रक्रिया में कोई बाधा नहीं आए और कानून का शासन बेहतर ढंग से स्थापित हो सके।

अदालत ने कहा कि मीडिया अनुचित बयानों से किसी वादी की गरिमा और प्रतिष्ठा को होने वाले नुकसान से अनजान नहीं रह सकता है, जो प्राय: सुनवाई के दौरान न्यायाधीश द्वारा की गई मौखिक टिप्पणियों पर आधारित होता है।

भाषा अविनाश माधव

माधव