UCC in MP/Image Credit: IBC24.in
UCC in MP: भोपाल: मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने को लेकर मोहन सरकार एक्शन मोड में है, कदम तेज कर दिए हैं। वहीं UCC को लेकर छिड़ी सियासी गदर थमने का नाम ही नहीं ले रही। दरअसल, UCC को लेकर समितियों की बैठकों, सुझावों के बाद सीएम मोहन ने ऐलान किया है कि-विधानसभा के मानसून सत्र में UCC विधेयक पास कराएंगे, लेकिन इसके पहले मोहन सरकार 19 जुलाई को जगदीशपुर के चमन महल में कैबिनेट बैठक कर, UCC को मंजूरी देने जा रही है। सीएम मोहन ने दो टूक कहा कि- राम एक शादी करेगा तो रहीम को भी एक ही शादी करने देंगे और तीन तलाक बोलने वालों को जेल भेज देंगे। प्रदेश में एक देश, एक विधान की व्यवस्था लागू होगी।
आमसभा में सीएम डॉक्टर मोहन यादव ने कहा कि एक देश में एक विधान ही चलेगा, हिंदू के लिए अलग और मुस्लिम के लिए अलग विधान, मध्यप्रदेश में नहीं चलने दिया जाएगा। (UCC in MP) सीएम ने अपने बयान में कहा कि राम एक शादी करे और रहीम तीन-चार, अब ये नहीं चलने दिया जाएगा। सीएम डॉक्टर मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में इसी माह यूसीसी लागू होने जा रहा है।
इधर कांग्रेस UCC के विरोध में मोर्चा बुलंद करते हुए कह रही है कि- ये कॉमन सिविल कोड नहीं बल्कि सिलेक्टिव कोड है। जिसका पलटवार करते हुए बीजेपी ने कहा कि कांग्रेस तुष्टिकरण की राजनीति के कारण इसका विरोध कर रही है।
UCC in MP: लेकिन सवाल ये कि जगदीशपुर में समारोह पूर्वक कैबिनेट बैठक कर, UCC को मंजूरी देने के प्लान के मायने क्या हैं? क्या ये हिंदुओं के ध्रुवीकरण का तरीका है, याकि गुलामी से मुक्ति का प्रतीकात्मक संदेश? सवाल ये कि- क्या कांग्रेस के UCC विरोध के पीछे, उसकी मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति है? सबसे बड़ा सवाल ये कि- समान नागरिक संहिता से किसी को भी क्यों तकलीफ होनी चाहिए? क्या मजहबी जिद संविधान से ऊपर होनी चाहिए?
इन्हें भी पढ़ें:-