शह मात The Big Debate: बयानों वाला तूफान.. अविश्वास प्रस्ताव पर घमासान, विपक्ष ने की सरकार को घेरने की कोशिश, बयान युद्ध में कौन किस पर पड़ा भारी?

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Chhattisgarh Politics News: बीजेपी सरकार के विरुद्ध विपक्ष का 136 बिंदुओं पर लाया गया अविश्वास प्रस्ताव लंबी बहस के बाद ध्वनिमत से गिर गया।

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  • Publish Date - July 18, 2026 / 11:33 PM IST,
    Updated On - July 18, 2026 / 11:34 PM IST

Chhattisgarh Politics News/Image Credit: IBC24.in

HIGHLIGHTS
  • छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन विपक्ष द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव।
  • बीजेपी सरकार के विरुद्ध विपक्ष ने 136 बिंदुओं पर लाया था अविश्वास प्रस्ताव।
  • अविश्वास प्रस्ताव14 घंटे 26 मिनट की बहस के बाद ध्वनिमत से गिर गया।

Chhattisgarh Politics News: रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा में बीजेपी सरकार के विरुद्ध, विपक्ष का 136 बिंदुओं पर लाया गया अविश्वास प्रस्ताव14 घंटे 26 मिनट की बहस के बाद ध्वनिमत से गिर गया। चर्चा में पक्ष-विपक्ष के 18 सदस्यों ने भाग लिया। चर्चा की शुरुआत की नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने। महंत ने हसदेव जंगल में पेड़ों की कटाई, बलौदाबाजार आगजनी, कानून-व्यवस्था, महिलाओं के खिलाफ अपराध और विपक्षी विधायकों की उपेक्षा जैसे मुद्दे उठाए, तो पूर्व CM भूपेश बघेल ने सरकार पर तंज कसते हुए “अदृश्य शक्ति” से संचालित सरकार बताया। उन्होंने DAP की कमी, कोरिया मामले की CBI जांच और बलौदाबाजार कांड पर सरकार से सवाल किए, तो कांग्रेस विधायक कवासी लखमा ने बस्तर की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि यही स्थिति रही तो अलग बस्तर राज्य की मांग उठ सकती है।

विपक्ष आरोपों की फेहरिस्त लेकर बैठा तो सत्ता पक्ष की ओर से मंत्री ओपी चौधरी, अजय चंद्राकर, अमर अग्रवाल जैसे दिग्गजों ने हर आरोप का तगड़ा काउंटर किया। नेताओं ने विपक्ष के नेता को कटप्पा और जमील जमाली बताते हुए तीखे प्रहार किए। (Chhattisgarh Politics News) मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस के आरोपों को खोखला बताते हुए कहा कि, गांव का आदिवासी बेटा मुख्यमंत्री बन गया है, ये बात कांग्रेस को स्वीकार नहीं हो पा रही है। उन्होंने दावा किया कि अगला विधानसभा चुनाव बीजेपी 70 से अधिक सीटों के साथ जीतेगी।

Chhattisgarh Politics News: पूरी बहस का निचोड़ ये के कांग्रेस ने अविश्वास प्रस्ताव पेश कर आरोपों की लिस्ट खोली जरूर लेकिन सत्ता पक्ष के हर मुद्दे पर करारे जवाब के बाद, विपक्ष की तैयारी अधूरी नजर आई। अंततः संख्या बल के आधार पर अविश्वास प्रस्ताव का गिरना तय था, हुआ भी वैसा ही। सवाल ये कि क्या विपक्ष इस बहस के जरिए अहम मुद्दों को रिकॉर्ड पर लाने और जनता सरकार से नाराज है ये जताने में कामयाब रहा? क्या तीखे हमलों के जोरदार जवाब से सरकार ने विपक्ष के बनाए माहौल को ब्रेक किया है?

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