गांवों से अपनापन नदारद, अब तो केवल नफरत और समस्याएं ही नजर आती हैं : कांग्रेस
गांवों से अपनापन नदारद, अब तो केवल नफरत और समस्याएं ही नजर आती हैं : कांग्रेस
नयी दिल्ली, 12 मार्च (भाषा) राज्यसभा में बृहस्पतिवार को कांग्रेस के इमरान प्रतापगढ़ी ने सरकार पर गांवों में अपनापन और प्यार समाप्त करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब गांवों में केवल नफरत और समस्याएं ही नजर आती हैं।
ग्रामीण विकास मंत्रालय के कामकाज पर उच्च सदन में चर्चा में हिस्सा ले रहे प्रतापगढ़ी ने कहा कि पहले गांवों में अपनापन और प्यार होता था लेकिन 2014 के बाद से केवल नफरत और समस्याएं ही नजर आती हैं।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा हो रही है लेकिन गांवों से जुड़ा हर वर्ग परेशान है। उन्होंने कहा कि गांवों के लोगों को रोजगार मुहैया कराने वाली योजना ‘‘मनरेगा’’ को आगे बढ़ाने के बजाय उसे सरकार खत्म करना चाहती है। ‘‘नाम बदलना तो केवल एक बहाना है।’’
प्रतापगढ़ी ने कहा कि सरकार प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सफलता का दावा कर अपनी पीठ थपथपाती है लेकिन किसी भी राज्य में देखिये, सड़कों की हालत खराब है। ‘‘बीमार व्यक्ति तो उन सड़कों से अस्पताल तक पहुंच ही नहीं पाता और गर्भवती महिलाओं को इन सड़कों से अस्पताल पहुंचाना दूभर हो जाता है।’’
उन्होंने कहा कि किसान लगातार अपनी मांगों को ले कर खड़े रहे लेकिन इस सरकार ने उनकी बात नहीं सुनी। उनके अनुसार, किसानों की हालत आज भी नहीं सुधरी और उनकी आमदनी नहीं बढ़ी। ‘‘किसान अपनी मेहनत से अन्न उपजाता है लेकिन सरकार उसे न्यूनतम समर्थन मूल्य भी नहीं देती।’’
कांग्रेस सदस्य ने कहा ‘‘हम तो गांवों से शहर पलायन नहीं करने का सपना देखते थे लेकिन गांवों को जिस तरह मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा गया है उससे साफ है कि गांव के लोगों के लिए पलायन करना मजबूरी है।
भारतीय जनता पार्टी के बाबूराम निषाद ने कहा कि आलोचना करना अलग बात है लेकिन अगर गांवों का विकास नहीं हुआ होता तो उथल-पुथल के इस दौर में भारत इतनी मजबूती से नहीं खड़ा होता।
उन्होंने कहा कि यह विकास 2014 के बाद से हुआ है और गांवों की तस्वीर बदली है। ‘‘गांवों में 50 साल में कांग्रेस ने ऐसा कौन सा विकास किया जिससे किसानों, मजदूरों, गरीबों की हालत सुधरी? वे स्वयं बताएं कि उन्होंने क्या किया?’’
निषाद ने कहा कि स्वच्छता जैसे मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ध्यान दिया और शौचालय बनवाए जिसके कारण गांवों में महिलाओं को बहुत लाभ हुआ। ‘‘अब लोग गांवों में नाक पर रुमाल रख कर नहीं जाते। अब वहां सफाई भी है और हवा भी शुद्ध है।’’
भाजपा की ही सीमा द्विवेदी ने कहा कि विकसित भारत का रास्ता गांवों से हो कर गुजरता है और गांवों का विकास सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि गांवों के विकास को केंद्र में रख कर सरकार ने जो कल्याणकाारी योजनाएं शुरू कीं उनके परिणाम आज नजर आ रहे हैं और भारत विश्व पटल पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा रहा है।
आम आदमी पार्टी के संत बलबीर सिंह, भाजपा के रामेश्वर तेली, घनश्याम तिवाड़ी, द्रमुक सदस्य राजाति ने भी ग्रामीण विकास मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा में हिस्सा लिया।
भाषा
मनीषा अविनाश
अविनाश

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