MP Teachers TET Exam: डेढ़ लाख शिक्षकों की नौकरी पर मंडरा रहा खतरा, ये एग्जाम देना अब हो गया जरूरी, अगर फेल हुए तो…

MP Teachers TET Exam: भोपाल: मध्य प्रदेश में शिक्षकों को लेकर एक बड़ा फैसला सामने आया है, जिसके बाद शिक्षा विभाग और शिक्षक संगठनों के बीच विवाद की स्थिति बन गई है। राज्य में करीब डेढ़ लाख शिक्षकों को अब शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) देनी होगी।

MP Teachers TET Exam: डेढ़ लाख शिक्षकों की नौकरी पर मंडरा रहा खतरा, ये एग्जाम देना अब हो गया जरूरी, अगर फेल हुए तो…

teachers tet exam / image source: IBC24

Modified Date: March 14, 2026 / 09:31 am IST
Published Date: March 14, 2026 9:08 am IST
HIGHLIGHTS
  • एमपी में शिक्षकों को देनी परीक्षा
  • डेढ़ लाख शिक्षक देंगे टीईटी
  • फेल हुए तो नौकरी संकट

MP Teachers TET Exam: भोपाल: मध्य प्रदेश में शिक्षकों को लेकर एक बड़ा फैसला सामने आया है, जिसके बाद शिक्षा विभाग और शिक्षक संगठनों के बीच विवाद की स्थिति बन गई है। राज्य में करीब डेढ़ लाख शिक्षकों को अब शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) देनी होगी। सरकार के इस फैसले के अनुसार जो शिक्षक RTE 2009 लागू होने से पहले नियुक्त हुए थे, उन्हें भी अब पात्रता परीक्षा पास करना अनिवार्य होगा। सरकार का कहना है कि भविष्य में नौकरी जारी रखने के लिए इन शिक्षकों को यह परीक्षा पास करनी पड़ेगी। नियम के मुताबिक शिक्षकों को दो साल के भीतर टीईटी परीक्षा पास करना जरूरी होगा। यदि कोई शिक्षक निर्धारित समय सीमा में परीक्षा पास नहीं कर पाता है तो उसकी नौकरी पर संकट खड़ा हो सकता है।

Madhya Pradesh Teacher News:प्रदेश भर के शिक्षकों में नाराजगी बढ़ने लगी है

सरकार के इस फैसले के सामने आने के बाद प्रदेश भर के शिक्षकों में नाराजगी बढ़ने लगी है। कई शिक्षक संगठनों ने इस निर्णय का विरोध शुरू कर दिया है और इसे शिक्षकों के लिए अन्यायपूर्ण बताया है। उनका कहना है कि जो शिक्षक कई वर्षों से पढ़ा रहे हैं और शिक्षा व्यवस्था में योगदान दे रहे हैं, उनसे दोबारा पात्रता परीक्षा लेना उचित नहीं है। शिक्षकों का कहना है कि इस फैसले से हजारों परिवारों के सामने असमंजस की स्थिति पैदा हो सकती है। इसी वजह से कई जिलों में शिक्षकों ने बैठकें कर सरकार से इस निमुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आने लगी हैर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है।

MP TET rule update: मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आने लगी है

इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आने लगी है। बीजेपी के पूर्व विधायक मुरलीधर पाटीदार ने शिक्षकों के विरोध का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने इस फैसले पर पुनर्विचार नहीं किया तो वह शिक्षकों के साथ मैदान में उतरने को तैयार हैं। पाटीदार ने इस संबंध में राज्य सरकार को पत्र लिखकर टीईटी परीक्षा नहीं लेने की मांग भी की है। उन्होंने अपने पत्र में कहा कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों को इस तरह की परीक्षा के दबाव में डालना सही नहीं है और सरकार को इस फैसले पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। फिलहाल इस मुद्दे को लेकर प्रदेश में बहस तेज हो गई है और अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार इस विरोध के बाद क्या कदम उठाती है।

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लेखक के बारे में

पत्रकारिता और क्रिएटिव राइटिंग में स्नातक हूँ। मीडिया क्षेत्र में 3 वर्षों का विविध अनुभव प्राप्त है, जहां मैंने अलग-अलग मीडिया हाउस में एंकरिंग, वॉइस ओवर और कंटेन्ट राइटिंग जैसे कार्यों में उत्कृष्ट योगदान दिया। IBC24 में मैं अभी Trainee-Digital Marketing के रूप में कार्यरत हूँ।