अफगान नागरिकों ने झारखंड की मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने का प्रयास किया, जांच शुरू

अफगान नागरिकों ने झारखंड की मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने का प्रयास किया, जांच शुरू

अफगान नागरिकों ने झारखंड की मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने का प्रयास किया, जांच शुरू
Modified Date: September 9, 2026 / 05:08 pm IST
Published Date: September 9, 2026 5:08 pm IST

जमशेदपुर/रांची, नौ सितंबर (भाषा) झारखंड के जमशेदपुर में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान तीन अफगान नागरिकों ने कथित तौर पर मतदाता सूची में अपने नाम दर्ज कराने का प्रयास किया। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि पूर्वी सिंहभूम के जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ) ने इस बात की पड़ताल के लिए समिति गठित की है कि जमशेदपुर पूर्व विधानसभा क्षेत्र की मसौदा मतदाता सूची में इन तीनों के नाम कैसे शामिल हो गए।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी के. रवि कुमार ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘एसआईआर के तहत पूरे राज्य में सत्यापन प्रक्रिया चल रही है। प्राप्त गणना प्रपत्रों के सत्यापन के दौरान तीन मामले सामने आए, जिनमें तीन संदिग्ध अफगान नागरिकों ने अपने नाम दर्ज कराए हैं। हम यह जांच कर रहे हैं कि उनके नाम मतदाता सूची में कैसे आए और उन्होंने शुरुआत में किस तरह के फर्जी दस्तावेज जमा किए थे।’’

कुमार ने कहा कि अधिकारी इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि मतदाता सूची में उनके संबंधी के रूप में किसका नाम दर्ज किया गया था और इस तरह उनके नाम मतदाता सूची में शामिल होने से पहले की पूरी प्रक्रिया की जांच की जा रही है।

कुमार ने कहा, ‘‘हमें यह सटीक रूप से पता लगाना है कि यह धोखाधड़ी किस तरह की गई और क्या इन लोगों ने अकेले ऐसा किया या इसमें अन्य लोग भी शामिल थे। इन मामलों की जांच पहले ही शुरू हो चुकी है और जांच पूरी होने के बाद उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।’’

पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त-सह-जिला निर्वाचन अधिकारी राजीव रंजन ने बताया कि मामले की जांच के लिए धालभूम के अनुमंडल पदाधिकारी अर्णव मिश्रा की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की गई है।

रंजन ने बुधवार को संवाददाताओं से कहा, ‘‘सत्यापन प्रक्रिया के दौरान हमने उनके पासपोर्ट जांच के लिए पासपोर्ट कार्यालय भेजे थे और संबंधित अधिकारियों ने आशंका जताई कि पासपोर्ट धारक अफगानिस्तान के नागरिक हैं।’’

उन्होंने बताया कि इनमें से एक व्यक्ति का पासपोर्ट रद्द कर दिया गया है, जबकि अन्य दो के मामले में भी इसी तरह की प्रक्रिया चल रही है।

भाषा शफीक अविनाश

अविनाश


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