जानलेवा हमले के बाद फारूक अब्दुल्ला ने कहा, आयोजन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था ‘अपर्याप्त’ थी

जानलेवा हमले के बाद फारूक अब्दुल्ला ने कहा, आयोजन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था 'अपर्याप्त' थी

जानलेवा हमले के बाद फारूक अब्दुल्ला ने कहा, आयोजन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था ‘अपर्याप्त’ थी
Modified Date: March 12, 2026 / 05:32 pm IST
Published Date: March 12, 2026 5:32 pm IST

जम्मू, 12 मार्च (भाषा) नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने अपने ऊपर हुए जानलेवा हमले में बाल-बाल बचने की घटना को बृहस्पतिवार को ‘अल्लाह का करम’ बताया।

इसके साथ ही उन्होंने उस हाई-प्रोफाइल शादी समारोह घटनास्थल पर पुलिस तैनाती की ‘पूर्ण अनुपस्थिति’ पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं।

अब्दुल्ला (88) बुधवार रात जम्मू के बाहरी इलाके ग्रेटर कैलाश में आयोजित एक शादी समारोह से जब बाहर निकल रहे थे तभी उन्हें बेहद करीब से निशाना बनाया गया।

अब्दुल्ला ने बृहस्पतिवार सुबह ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘मैं ठीक हूं और अल्लाह ने मुझे बचा लिया।’

आरोपी की पहचान जम्मू के पुरानी मंडी निवासी कमल सिंह जामवाल (63) के रूप में हुई जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह पिछले 20 वर्षों से अब्दुल्ला पर हमले के लिए मौका ढूंढ रहा था।

अब्दुल्ला ने अपने आवास पर पत्रकारों से कहा, ‘मैं उस व्यक्ति को नहीं जानता और न ही किसी ने मुझे कभी उसके बारे में कुछ बताया था। जहां तक उसके मकसद का सवाल है… मुझे कैसे पता होगा कि वह क्या हो सकता है?’

घटना को याद करते हुए उन्होंने कहा, ‘जब दुल्हन आ गई तो उसके बाद हमने उनसे अनुमति ली और घर के लिए निकलने लगे। मैं शादी के मंडप से बाहर निकलकर चल ही रहा था कि तभी मुझे पटाखे जैसी आवाज सुनाई दी।’

अब्दुल्ला ने कहा, ‘इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने मुझे जल्दी से एक कार में बिठा दिया।’

अब्दुल्ला के अनुसार, सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें बताया कि वास्तव में वह एक पिस्तौल थी और उन पर दो गोलियां चलाई गई थीं।

सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि हमलावर सीधे फारूक अब्दुल्ला के पीछे खड़ा था लेकिन एक पुलिस अधिकारी और एक राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) कमांडो की सतर्कता के कारण उसे पकड़ लिया गया और हथियार से चली गोली जमीन पर जा लगी।

सुरक्षा में संभावित चूक के बारे में पूछे जाने पर अब्दुल्ला ने कहा, “ऐसा लगता है कि कहीं न कहीं सुरक्षा में चूक हुई होगी, लेकिन इसे सुरक्षा चूक कहना एक बहुत बड़ा बयान है। सवाल यह है कि इस शादी में कई प्रमुख लोग मौजूद थे, फिर भी वहां पुलिस व्यवस्था का पूर्ण अभाव था।’

घटना के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने फारूक अब्दुल्ला से बात की।

अब्दुल्ला ने कहा, ‘गृह मंत्री ने मुझे फोन किया। उन्होंने पूछा कि मैं कैसा हूं। उन्होंने बताया कि हमलावर को पकड़ लिया गया है और जांच की जाएगी।’

अब्दुल्ला ने अपनी सुरक्षा में लगे सुरक्षा बलों की त्वरित प्रतिक्रिया को अपनी जान बचने का कारण बताया।

सुरक्षा कम किए जाने के कारण यह घटना होने के सवाल पर अब्दुल्ला ने कहा कि केवल सुरक्षा बढ़ाने से जोखिम पूरी तरह से समाप्त नहीं होते।

उन्होंने कहा, ‘सुरक्षा बढ़ा लें, एक बात याद रखें, हमलावर हमेशा एक कदम आगे रहता है।’

अब्दुल्ला ने कहा कि आतंकवाद आज भी एक वैश्विक चुनौती बना हुआ है।

उन्होंने कहा, ‘हम उस दौर में जी रहे हैं जहां आतंकवाद हमारे ऊपर ऐसे मंडरा रहा है जैसे कुछ आसमान में लटका हो और हम इसे पूरी तरह नियंत्रित नहीं कर सकते।’

जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में चिंता व्यक्त की।

अब्दुल्ला के बेटे और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘फिलहाल जवाबों से ज्यादा सवाल हैं… जिसमें यह भी शामिल है कि कोई व्यक्ति जेड-प्लस और एनएसजी सुरक्षा प्राप्त पूर्व मुख्यमंत्री के इतने करीब पहुंचने में सफल कैसे हुआ।’

भाषा प्रचेता नरेश

नरेश


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