हत्या के बाद शव को टुकड़े-टुकड़े कर वृंदावन में यमुना में फेंका, चार गिरफ्तार
हत्या के बाद शव को टुकड़े-टुकड़े कर वृंदावन में यमुना में फेंका, चार गिरफ्तार
नयी दिल्ली, दो मार्च (भाषा) सोने और नकदी के लालच में, 29 वर्षीय व्यक्ति ने अपनी सह-जीवन साथी और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर एक कैंटीन मालिक की कथित तौर पर हत्या कर दी तथा उसके शव के टुकड़े-टुकड़े कर उन्हें उत्तर प्रदेश के वृंदावन में यमुना नदी में फेंक दिया। दिल्ली पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि 18 फरवरी को हुई हत्या के सिलसिले में एक महिला समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी हैप्पी उर्फ सूरज (29) ने लगभग एक साल पहले यहां छत्तीसगढ़ सदन में कैंटीन चलाने वाले अनरूप गुप्ता (48) से दोस्ती की थी। सूरज ने देखा कि गुप्ता अक्सर सोने के आभूषण पहनता है और उसे यह भी पता चला कि गुप्ता अपने परिवार से अलग रहता है।
द्वारका के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) अंकित सिंह ने बताया कि 18 फरवरी को हैप्पी ने गुप्ता को मटियाला एक्सटेंशन स्थित अपने किराए के मकान में पार्टी के लिए बुलाया और वहां आरोपियों ने उसे कथित तौर पर रस्सियों से बांध दिया और मारपीट करने के बाद पैसे मांगे।
अधिकारी के अनुसार, गुप्ता ने उन्हें बताया कि उसकी सोने की अंगूठियां और अन्य आभूषण उसकी एसयूवी कार में हैं जो छत्तीसगढ़ सदन में खड़ी है।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने गुप्ता से कार की चाबियां छीन लीं, गाड़ी को मटियाला ले आए और उससे सोने के गहने निकाल लिए। हालांकि, जब गुप्ता ने पैसे देने से इनकार कर दिया, तो उसे फिर पीटा गया और चाकू मारकर उसकी हत्या कर दी गई।
डीसीपी ने एक बयान में कहा, “हैप्पी ने एक बड़ा चाकू खरीदा और शव के टुकड़े कर दिए। शरीर के अंगों को प्लास्टिक के तीन थैलों में बंद किया गया। उन थैलों को गुप्ता की एसयूवी कार से उत्तर प्रदेश में वृंदावन ले जाया गया और वहां के पास यमुना नदी में फेंक दिया गया।”
जांचकर्ताओं को गुमराह करने के लिए आरोपियों ने गुप्ता का मोबाइल फोन कार के अंदर ही छोड़ दिया और उसे बंद नहीं किया। उन्होंने पीड़ित के फोन से छत्तीसगढ़ सदन कैंटीन के कर्मचारियों को संदेश भेजकर कैंटीन बंद करने और घर जाने के लिए कहा। गुप्ता के परिवार को भी संदेश भेज कर कहा गया कि वह छुट्टियां मनाने गोवा जा रहा है।
सिंह ने कहा कि यह मामला तब सामने आया जब गुप्ता के परिवार ने 23 फरवरी को दिल्ली पुलिस के द्वारका जिले में उसके लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई, क्योंकि वे उससे संपर्क नहीं कर पा रहे थे और उसकी कार भी लापता थी।
डीसीपी ने बताया कि गुमशुदगी की रिपोर्ट मिलने के बाद कैंटीन मालिक का पता लगाने के लिए विशेष टीम गठित की गई और बिंदापुर थाने में मामला दर्ज किया गया।
पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान पीड़ित की गतिविधियों का पता लगाने के लिए टोल प्लाजा और घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की लगातार तीन दिनों तक जांच की गई और जांच में पता चला कि गुप्ता ने 18 फरवरी को ‘बाइक राइड’ बुक की थी और छत्तीसगढ़ सदन में अपनी कार खड़ी करके मटियाला एक्सटेंशन की ओर गया था। सीसीटीवी कैमरा फुटेज में उसे वहां एक इमारत में प्रवेश करते हुए देखा गया।
सिंह ने कहा कि मगर वह इमारत से बाहर आते नहीं दिखा और बाद में चार अन्य व्यक्तियों को भी उसी इमारत में प्रवेश करते देखा गया।
उन्होंने कहा कि सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की गहन जांच से पीड़ित की कार का पता चला और गाड़ी को इमारत के भूमिगत तल में प्रवेश करते और बाहर निकलते हुए देखा गया। उसके बाद 19 फरवरी की रात कार को यमुना एक्सप्रेसवे की ओर जाते हुए देखा गया।
पुलिस ने बताया कि टोल डेटा से पुष्टि हुई कि एसयूवी वृंदावन गई थी और कुछ ही घंटों बाद नोएडा लौट आई थी।
अधिकारी ने बताया कि मामले की जानकारी उत्तर प्रदेश पुलिस को भी दी गई तथा मथुरा जिले की पुलिस के साथ समन्वय स्थापित करने के बाद यमुना नदी से शव के क्षत-विक्षत अंग बरामद किए गए।
अधिकारी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई और मुख्य साजिशकर्ता हैप्पी उर्फ सूरज की पहचान हुई, जो हरियाणा के हांसी का निवासी है।
डीसीपी के मुताबिक, हैप्पी को गिरफ्तार कर लिया गया और पूछताछ के दौरान उसने अपने साथियों भूपेंद्र, बलराम, नीरज और अपनी सह-जीवन साथी राखी के साथ मिलकर साजिश रचने की बात कबूल की।
भूपेंद्र, बलराम और राखी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि नीरज अब भी फरार है। अधिकारी ने बताया कि उसे गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं।
पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया गया।
भाषा नोमान नोमान अविनाश
अविनाश

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