एआई-171 हादसा: एक साल बाद भी नहीं मिले सवालों के जवाब

एआई-171 हादसा: एक साल बाद भी नहीं मिले सवालों के जवाब

एआई-171 हादसा: एक साल बाद भी नहीं मिले सवालों के जवाब
Modified Date: June 12, 2026 / 02:25 pm IST
Published Date: June 12, 2026 2:25 pm IST

( तस्वीरों सहित )

अहमदाबाद, 12 जून (भाषा) एअर इंडिया की उड़ान एआई-171 के अहमदाबाद में दुर्घटनाग्रस्त होने की घटना को एक साल बीत चुका है लेकिन इस हादसे में अपने प्रियजनों को खो चुके परिवार आज भी अपने सवालों के जवाब का इंतजार कर रहे हैं।

जांचकर्ताओं ने 260 लोगों की जान लेने वाली इस त्रासदी के कारणों पर अंतिम जांच रिपोर्ट अब तक जारी नहीं की है।

विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) ने पिछले साल जुलाई में अंतरिम रिपोर्ट जारी की थी लेकिन उसमें हादसे का कारण नहीं बताया गया था। हालांकि, रिपोर्ट के एक पैराग्राफ में यह संकेत दिया गया था कि उड़ान भरने के बाद विमान के इंजनों के ईंधन स्विच बंद हो गए थे।

कई परिवारों के लिए यह इंतजार बेहद पीड़ादायक रहा है। वे इस त्रासदी में खोए अपने प्रियजनों की यादों के सहारे जी रहे हैं लेकिन उनके मन में उठ रहे सवालों के जवाब उन्हें अब भी नहीं मिले हैं। अंतिम रिपोर्ट नहीं आने के कारण उनका दुख और गहरा गया है क्योंकि उन्हें अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हादसा आखिर क्यों हुआ।

अंतरराष्ट्रीय विमानन नियमों के तहत, यदि संभव हो तो किसी विमान हादसे की अंतिम जांच रिपोर्ट एक साल के भीतर जारी की जानी चाहिए और यदि रिपोर्ट पूरी नहीं हो पाती तो अंतरिम बयान जारी किया जा सकता है।

नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने आठ मई को कहा था कि इस हादसे की जांच अंतिम चरण में है और रिपोर्ट एक महीने के भीतर आ सकती है।

उन्होंने कहा था, ‘‘हादसे की जांच अंतिम चरण में है और यह एक महीने में पूरी भी हो सकती है। हालांकि, जांच एएआईबी कर रहा है और हम इसमें हस्तक्षेप नहीं करते। हम उसे सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध करा रहे हैं।’’

‘फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स’ के अध्यक्ष सी. एस. रंधावा ने बृहस्पतिवार को कहा कि वे चाहते हैं कि एएआईबी व्यापक जांच पूरी करने के बाद ही अंतिम रिपोर्ट जारी करे।

एएआईबी द्वारा अंतरिम रिपोर्ट संभवत: जल्द जारी किए जाने संबंधी मीडिया रिपोर्टों का उल्लेख करते हुए रंधावा ने कहा कि ऐसा कदम और भ्रम एवं अटकलों को जन्म देगा।

उन्होंने कहा, ‘‘यदि जांच से कोई निष्कर्ष नहीं निकला है, तो अंतरिम रिपोर्ट जारी करने से और गलतफहमियां पैदा होंगी।’’

लंदन जा रही एआई-171 उड़ान पिछले साल 12 जून की दोपहर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। हादसे में 260 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें 241 यात्री और चालक दल के सदस्य तथा जमीन पर मौजूद 19 लोग शामिल थे। विमान में सवार केवल एक यात्री जीवित बचा था।

गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी हादसे में मारे गए लोगों में शामिल थे।

विमान अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल हवाई अड्डे से उड़ान भरने के 32 सेकंड बाद बी. जे. मेडिकल कॉलेज के छात्रावास परिसर पर गिरा था।

भारत और ब्रिटेन के 130 से अधिक पीड़ित परिवारों का प्रतिनिधित्व कर रही अमेरिका स्थित विधि कंपनी ‘बीस्ली एलन’ के वकील माइक एंड्रयूज ने केंद्र सरकार से उड़ान से जुड़ा तकनीकी डेटा जारी करने की मांग की है ताकि परिवार कानूनी विकल्प चुन सकें।

एंड्रयूज ने पिछले साल दिसंबर में अहमदाबाद यात्रा के दौरान ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा था, ‘‘मैं भारत सरकार से अपील करता हूं कि वह ‘फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर’ (एफडीआर) का डेटा जारी करे, ताकि हमारे विशेषज्ञ स्वतंत्र आकलन कर सकें। मुझे लगता है कि इन परिवारों के लिए सबसे जरूरी बात पारदर्शिता है।’’

पीड़ितों के परिवारों ने भी अंतिम जांच रिपोर्ट और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर से जुड़े तकनीकी डेटा मुहैया कराए जाने की मांग की है।

हादसे में मारे गए 30 लोगों के गुजरात के विभिन्न हिस्सों से आए परिवारों ने इस साल अप्रैल में अहमदाबाद में बैठक की थी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर हादसे की सच्चाई सामने लाने के लिए ‘कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर’ (सीवीआर) और ‘ब्लैक बॉक्स’ के डेटा जारी किए जाने का अनुरोध किया था।

उन्होंने जांच जल्द से जल्द पूरी किए जाने की मांग की थी।

भाषा

सिम्मी मनीषा

मनीषा


लेखक के बारे में