एम्स-दिल्ली ने मरीजों, उनके तीमारदारों के लिए रात्रि आश्रय सुविधा शुरू की
एम्स-दिल्ली ने मरीजों, उनके तीमारदारों के लिए रात्रि आश्रय सुविधा शुरू की
नयी दिल्ली, चार जनवरी (भाषा) अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिल्ली ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के सहयोग से मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए रात्रि आश्रय सुविधा का संचालन शुरू किया है।
इस पहल का मकसद ऐसे मरीजों और उनके तीमारदारों को सुरक्षित, आरामदायक और सम्मानजनक आश्रय सुविधा प्रदान करना है, जो बाह्य रोगी विभाग की सेवाओं के लिए रात से ही एम्स के बाहर कतारें लगाना शुरू कर देते हैं।
एम्स-दिल्ली के निदेशक डॉ. एम श्रीनिवास ने कहा कि भीड़भाड़ और रातभर लगने वाली कतारों की चुनौती से निपटने के लिए तैयार की गई आश्रय सुविधा यह सुनिश्चित करती है कि मरीजों को कठिन परिस्थितियों में फुटपाथ या अस्पताल परिसर में इंतजार करने के लिए मजबूर न होना पड़े।
उन्होंने बताया कि रात में आने वाले मरीजों को पर्यावरण के अनुकूल इलेक्ट्रिक बस के जरिये आश्रय सुविधा तक पहुंचाया जाता है।
डॉ. श्रीनिवास ने बताया कि आश्रय सुविधा पर पहुंचने के बाद प्रत्येक मरीज को उनके आने के क्रम के अनुसार टोकन नंबर जारी किया जाता है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि अगले दिन ओपीडी पंजीकरण के दौरान उसी क्रम का पालन किया जाए।
उन्होंने बताया कि आश्रय सुविधा में मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए मुफ्त खाने, साफ कंबल और शौचालय की व्यवस्था की गई है।
डॉ. श्रीनिवास के अनुसार, अगली सुबह मरीजों को इलेक्ट्रिक बस के जरिये उनके संबंधित ओपीडी में वापस ले जाया जाता है, जिससे उन्हें रातभर लंबी कतारों में लगने के झंझट से मुक्ति मिल जाती है और वे सुचारु एवं व्यवस्थित रूप से पंजीकरण करा पाते हैं।
उन्होंने बताया कि आश्रय सुविधा में लगभग 250 लोगों के रात गुजारने की व्यवस्था है और वर्तमान में इतने ही लोग इसका इस्तेमाल कर रहे हैं, जो देश के प्रमुख चिकित्सा संस्थान में आने वाले मरीजों के बीच इस तरह की सहायता सेवाओं की मजबूत मांग को दर्शाता है।
भाषा पारुल संतोष
संतोष

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