सीआईएसएफ सुरक्षा वाला देश का पहला अस्पताल बन सकता है एम्स-जम्मू
सीआईएसएफ सुरक्षा वाला देश का पहला अस्पताल बन सकता है एम्स-जम्मू
नयी दिल्ली, छह सितंबर (भाषा) भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक स्थित होने के कारण जम्मू स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) देश का पहला ऐसा अस्पताल बन सकता है, जिसकी सुरक्षा के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की सशस्त्र टुकड़ी तैनात की जाएगी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले के विजयपुर क्षेत्र में श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग-44 के किनारे 226.84 एकड़ में फैला एम्स परिसर अंतरराष्ट्रीय सीमा से कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फरवरी 2024 में अस्पताल का उद्घाटन किया था।
सुरक्षा प्रतिष्ठान के सूत्रों ने पीटीआई-भाषा को बताया कि सीमा के निकट इसकी ‘‘संवेदनशील’’ स्थिति को देखते हुए केंद्र ने परिसर को सशस्त्र सुरक्षा प्रदान करने की योजना बनाई है।
सूत्रों के अनुसार, एम्स-जम्मू परिसर में सीआईएसएफ की तैनाती की उम्मीद है, जिससे यह केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल की सुरक्षा पाने वाला देश का पहला अस्पताल होगा।
उन्होंने बताया कि फिलहाल सुरक्षा सर्वेक्षण और आवश्यक बल की संख्या का आकलन किया जा रहा है।
गृह मंत्रालय ने 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों के बाद से अस्पतालों में सशस्त्र सुरक्षाकर्मियों की तैनाती से परहेज किया है। उन हमलों में स्वास्थ्य सुविधाओं को भी निशाना बनाया गया था।
अधिकारियों ने बताया कि 2008 के बाद कई अस्पतालों ने अपने परिसरों में सीआईएसएफ सुरक्षा की मांग की, लेकिन संभावित खतरों और बल की सीमित उपलब्धता के व्यापक आकलन के बाद इन प्रस्तावों को मंजूरी नहीं दी गई।
भाषा
राखी नरेश
नरेश

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