दिल्ली इमारत हादसा : भाकपा ने पीड़ितों को मुआवजा देने की मांग की

दिल्ली इमारत हादसा : भाकपा ने पीड़ितों को मुआवजा देने की मांग की

दिल्ली इमारत हादसा : भाकपा ने पीड़ितों को मुआवजा देने की मांग की
Modified Date: September 6, 2026 / 10:26 pm IST
Published Date: September 6, 2026 10:26 pm IST

(फाइल फोटो के साथ)

नयी दिल्ली, छह सितंबर (भाषा) भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के महासचिव डी. राजा ने रविवार को दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के लिए ‘‘सरकारी लापरवाही, अक्षमता और भ्रष्टाचार’’ को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने पीड़ितों के लिए मुआवजे की मांग की और शहर में सभी ‘पेइंग गेस्ट’ (पीजी) आवासों और छात्रावासों की समयबद्ध सुरक्षा जांच कराने की मांग की।

राजा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में हादसे में मारे गए लोगों, घायलों और मलबे में फंसे लोगों तथा उनके परिवारों के प्रति एकजुटता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भाकपा से संबद्ध छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ) के कार्यकर्ता राहत और बचाव कार्यों में मदद के लिए घटनास्थल पर मौजूद हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना इस बात की दुखद याद दिलाती है कि सरकारी लापरवाही, अक्षमता और भ्रष्टाचार की कीमत लोगों को चुकानी पड़ रही है।’’

राजा ने सरकार पर हमला करते हुए कहा कि दिल्ली में हाल के महीनों में ऐसी कई घटनाएं हुई हैं, लेकिन उनसे कोई सबक नहीं सीखा गया और जवाबदेही तय नहीं की गई।

उन्होंने साकेत इमारत हादसे का जिक्र किया, जिसमें छह लोगों की मौत हुई थी। उन्होंने मालवीय नगर में लगी आग का भी उल्लेख करते हुए कहा कि इस घटना में 20 से अधिक लोगों की जान गई थी।

राजा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों की सुरक्षा और आवास व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पर्याप्त छात्रावास सुविधाएं नहीं होने के कारण कई छात्र महंगे और असुरक्षित पेइंग गेस्ट (पीजी) आवासों में रहने के लिए मजबूर हैं।

राजा ने छात्रों के लिए सस्ती सार्वजनिक आवास व्यवस्था उपलब्ध कराने, दिल्ली विश्वविद्यालय के हर कॉलेज में छात्रावास बनाने और भवन निर्माण नियमों को सख्ती से लागू करने की भी मांग की।

दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के दक्षिणी परिसर के पास सत्य निकेतन की एक संकरी गली में छात्रावास के रूप में इस्तेमाल हो रही 50 साल पुरानी पांच मंजिला इमारत ढहने से तीन छात्रों की मौत हो गई, जबकि कई लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है।

भाषा आशीष दिलीप

दिलीप


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