नयी दिल्ली, 27 मार्च (भाषा) केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने शुक्रवार को लोकसभा में कहा कि देश के सभी अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थानों (एम्स) में रिक्तियों को भरने की प्रक्रिया निरंतर जारी है तथा मानकों के साथ कोई समझौता नहीं होगा।
उन्होंने सदन में प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस सदस्य मोहम्मद जावेद और कुछ अन्य सदस्यों के पूरक प्रश्नों के उत्तर में यह भी कहा कि 1960 से 1998 तक देश में एक एम्स खोला गया, अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्री रहते छह एम्स खोले गए और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 10 साल के कार्यकाल में 23 एम्स खोले गए।
नड्डा ने कहा कि मोदी सरकार स्वास्थ्य के मामले में कांग्रेस सरकारों से कई गुना आगे है।
एम्स में रिक्तियों से जुड़े सवाल पर उन्होंने बताया, ‘‘अलग-अलग एम्स के लिए अलग-अलग चयन समिति बनाई गई हैं। हर तीन महीने में साक्षात्कार लिया जाता है। हमने कोशिश की है कि भर्तियां तेजी से हों। सेवानिवृत्त लोगों की भी सेवाएं ली जा रही हैं।’’
उनका कहना था कि प्रयास किया जा रहा है कि भर्ती की प्रक्रिया निरंतर चलती रहे।
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