मुंबई, 27 मार्च (भाषा) रुपया शुक्रवार को दोपहर के कारोबार के दौरान अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 74 पैसे टूटकर 94.70 के नए सर्वकालिक निचले स्तर पर पहुंच गया। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और पश्चिम एशिया संकट का कोई समाधान न निकलने के बीच स्थानीय मुद्रा में गिरावट का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि घरेलू शेयर बाजारों में भारी बिकवाली और विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लगातार निकासी से रुपया भारी दबाव में है।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 94.18 पर खुला था, लेकिन दोपहर के कारोबार में यह फिसलते हुए 94.50 के स्तर को पार कर गया और अंततः पिछले बंद भाव के मुकाबले 74 पैसे की गिरावट के साथ 94.70 के रिकॉर्ड निचले स्तर तक लुढ़क गया।
इससे पहले, बुधवार को रुपया 20 पैसे गिरकर 93.96 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ था। रामनवमी के अवसर पर बृहस्पतिवार को शेयर, विदेशी मुद्रा और जिंस बाजार बंद रहे थे
दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.08 प्रतिशत की बढ़त के साथ 99.67 पर था।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 0.53 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 107.4 डॉलर प्रति बैरल पर रहा।
घरेलू शेयर बाजार में दोपहर के कारोबार के दौरान सेंसेक्स 1,190.76 अंक या 1.58 प्रतिशत गिरकर 74,082.69 अंक पर, जबकि निफ्टी 352.25 अंक या 1.51 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,954.20 अंक पर कारोबार कर रहा था।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को शुद्ध रूप से 1,805.37 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
भाषा सुमित माधव
माधव