Iran Pakistan Oil Dispute: पाकिस्तान ने दोस्त ईरान को दिया धोखा? होर्मुज से तेल लेकर इन दुश्मन देशों को दिया! पूरा मामला पढ़कर हक्के-बक्के रह जाएंगे आप

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Iran Pakistan Oil Dispute: ईरान में एक नए विवाद ने तूल पकड़ लिया है, जहां Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) के कमांडर Hossein Nejat से जुड़ी एक वायरल पोस्ट में पाकिस्तान पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

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  • Publish Date - March 27, 2026 / 01:34 PM IST,
    Updated On - March 27, 2026 / 02:48 PM IST

IRAN NEWS/ image source: AFGDefense x handle

HIGHLIGHTS
  • पाकिस्तान पर विश्वासघात के आरोप
  • होर्मुज मार्ग से तेल आपूर्ति विवाद
  • IRGC कमांडर का वायरल पोस्ट

Iran Pakistan Oil Dispute: तेहरान: ईरान में एक नए विवाद ने तूल पकड़ लिया है, जहां Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) के कमांडर Hossein Nejat से जुड़ी एक वायरल पोस्ट में पाकिस्तान पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पोस्ट में दावा किया गया कि पाकिस्तान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते ईरान के दुश्मनों को तेल की आपूर्ति कर “विश्वासघात” किया है। हालांकि, इस बयान को लेकर भ्रम की स्थिति तब बनी जब सोशल मीडिया पर इसे गलती से ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi से जोड़कर वायरल कर दिया गया, जबकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

Middle Conflict News: पाकिस्तान पर विश्वासघात के आरोप

वायरल दावों में यह भी आरोप लगाया गया कि पाकिस्तानी झंडे वाले जहाजों ने होर्मुज मार्ग के जरिए तेल की तस्करी कर ईरान विरोधी ताकतों तक पहुंचाया। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं आए हैं और “विश्वासघात” जैसे दावे अब तक अप्रमाणित बताए जा रहे हैं। पोस्ट में दावा किया गया कि पाकिस्तान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते ईरान के दुश्मनों को तेल की आपूर्ति कर “विश्वासघात” किया है।

Strait Of Hormuz Oil Dispute: यह है पूरा मामला

खुफिया सूत्रों के अनुसार, ईरान इस बात से नाराज है कि Strait of Hormuz जैसे संवेदनशील समुद्री मार्ग पर पाकिस्तान की हालिया गतिविधियां भरोसे के खिलाफ मानी जा रही हैं। मौजूदा हालात में ईरान ने सीमित तौर पर कुछ मित्र देशों के जहाजों को इस मार्ग से गुजरने की अनुमति दी थी, जिनमें पाकिस्तान के करीब 10 तेल टैंकर शामिल थे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिन पाकिस्तानी टैंकरों को यह छूट दी गई थी, उनके जरिए अप्रत्यक्ष रूप से अमेरिका को फायदा पहुंचने का दावा किया जा रहा है। इस मुद्दे को और तूल तब मिला जब Donald Trump ने सार्वजनिक रूप से कहा कि पाकिस्तानी झंडे वाले टैंकरों को होर्मुज से गुजरने दिया गया, जिसे उन्होंने सकारात्मक संकेत बताया। ट्रंप ने यहां तक दावा किया कि ईरान ने “माफी के तौर पर” 10 तेल टैंकरों को गुजरने दिया, हालांकि इस बयान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ईरान के नजरिए से यह घटनाक्रम इसलिए गंभीर है क्योंकि हाल ही में उसके विदेश मंत्री ने पाकिस्तान को एक दोस्त देश बताया था, और अब उसी फैसले से उसके विरोधियों को फायदा मिलता दिख रहा है।

इसी बीच, पाकिस्तान लगातार यह संकेत देने की कोशिश कर रहा है कि वह दोनों पक्षों के बीच संवाद का सेतु बना हुआ है। उसने कथित तौर पर अमेरिका का प्रस्ताव ईरान तक पहुंचाया और खुद को मध्यस्थ के रूप में प्रस्तुत किया, लेकिन तेहरान ने इन प्रयासों को ज्यादा महत्व नहीं दिया। सूत्रों का कहना है कि ईरान अब पाकिस्तान की इस भूमिका को संदेह की नजर से देख रहा है और इसे एक संतुलन साधने की रणनीति मान रहा है, जिसमें इस्लामाबाद दोनों पक्षों से लाभ लेने की कोशिश कर रहा है। हाल के समय में Saudi Arabia के साथ पाकिस्तान के मजबूत होते रिश्ते भी इस शक को और बढ़ा रहे हैं, जिससे क्षेत्रीय राजनीति में तनाव और गहरा सकता है।

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आरोप किसने लगाए हैं?

IRGC कमांडर हुसैन नेजात

किस देश पर आरोप लगा?

पाकिस्तान पर गंभीर आरोप

मामला किससे जुड़ा है?

तेल आपूर्ति और होर्मुज मार्ग