ईरान के हवाई क्षेत्र को बंद किए जाने से एअर इंडिया और इंडिगो की कुछ उड़ानें रद्द

ईरान के हवाई क्षेत्र को बंद किए जाने से एअर इंडिया और इंडिगो की कुछ उड़ानें रद्द

ईरान के हवाई क्षेत्र को बंद किए जाने से एअर इंडिया और इंडिगो की कुछ उड़ानें रद्द
Modified Date: January 15, 2026 / 06:30 pm IST
Published Date: January 15, 2026 6:30 pm IST

(परिवर्तित स्लग के साथ)

नयी दिल्ली, 15 जनवरी (भाषा) ईरान के हवाई क्षेत्र के बंद होने के कारण एअर इंडिया और इंडिगो ने बृहस्पतिवार को अपनी कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दीं, जबकि कई सेवाएं प्रभावित हुई हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों के अनुसार, अमेरिका और यूरोप जाने वाली एअर इंडिया की उड़ानें तथा सीआईएस देशों, यूरोप और तुर्किये के लिए इंडिगो की सेवाएं प्रभावित हुई हैं।

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स्पाइसजेट ने भी परामर्श जारी करते हुए कहा कि ईरान का हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण कुछ उड़ानों पर असर पड़ेगा।

एक अधिकारी ने बताया कि टाटा समूह की एअर इंडिया ने अमेरिका के लिए कम से कम तीन उड़ानें रद्द कर दी हैं, जबकि यूरोप के लिए उसकी कुछ सेवाओं के संचालन में देरी होगी।

अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि कम से कम तीन उड़ानें—दिल्ली से न्यूयॉर्क और नेवार्क के लिए दो तथा मुंबई से न्यूयॉर्क के लिए एक उड़ान रद्द की गई हैं।

सीआईएस देशों, यूरोप और तुर्किये के लिए इंडिगो की उड़ानें भी प्रभावित हुई हैं।

एक अन्य अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि ताशकंद (उज्बेकिस्तान), अल्माटी (कजाकिस्तान), बाकू (अजरबैजान) और तिबलिसी (जॉर्जिया) के लिए उड़ानें प्रभावित हुई हैं और कुछ सेवाएं रद्द कर दी गई हैं।

ये देश ‘कॉमनवेल्थ ऑफ इंडिपेंडेंट स्टेट्स’ (सीआईएस) का हिस्सा हैं।

ईरान के हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण यूरोप के शहरों और इस्तांबुल (तुर्किये) के लिए सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं।

हवाई मार्ग लंबे होने के कारण ईंधन खपत बढ़ेगी, जिससे विमानन कंपनियों की परिचालन लागत बढ़ने का अंदेशा है। पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र के बंद होने से पहले ही एअर इंडिया की लागत बढ़ रही है, क्योंकि पश्चिम की ओर जाने वाली कई उड़ानों के लिए उसे लंबे मार्गों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है।

पिछले साल अक्टूबर में एअर इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एवं प्रबंध निदेशक (एमडी) कैंपबेल विल्सन ने कहा था कि पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र के बंद होने से अनुमानित नुकसान 4,000 करोड़ रुपये है।

इस बीच, एअर इंडिया अमेरिका और यूरोप जाने वाली उड़ानों के लिए ईरान के हवाई क्षेत्र का उपयोग करती है और वैकल्पिक मार्ग के तौर पर इराक के हवाई क्षेत्र से उड़ान भरी जा सकती है।

सूत्रों के अनुसार, इराक के हवाई क्षेत्र का उपयोग करने से उड़ान अवधि बढ़ जाएगी और अमेरिका जाने वाली कुछ सेवाओं के लिए विमान में पर्याप्त ईंधन नहीं होगा।

एअर इंडिया ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि ईरान की स्थिति और उसके हवाई क्षेत्र के बंद होने के बाद यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उस क्षेत्र से गुजरने वाली उड़ानों को वैकल्पिक मार्गों से संचालित किया जा रहा है, जिससे संचालन में देरी हो सकती है।

विमानन कंपनी ने कहा, “एअर इंडिया की कुछ उड़ानें रद्द की जा रही हैं जहां फिलहाल मार्ग बदलना संभव नहीं है। ”

एअर इंडिया ने इस अप्रत्याशित व्यवधान से यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद जताया।

इंडिगो ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “ईरान द्वारा अचानक हवाई क्षेत्र बंद किए जाने के कारण हमारी कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानें प्रभावित हुई हैं। हमारी टीम स्थिति का आकलन करने और प्रभावित यात्रियों को सबसे बेहतर विकल्प प्रदान करने के लिए लगातार काम कर रही हैं।”

स्पाइसजेट ने भी ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के जरिए बताया कि ईरान में हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण उसकी कुछ उड़ानें प्रभावित हो सकती हैं।

हालांकि, एक अधिकारी ने कहा कि फिलहाल इस मुद्दे के कारण स्पाइसजेट की कोई उड़ान रद्द नहीं हुई है।

इस बीच, एअर इंडिया ने बृहस्पतिवार को बताया कि दिल्ली से न्यूयॉर्क (जेएफके) जा रही उसकी उड़ान एआई-101 को ईरानी हवाई क्षेत्र के अप्रत्याशित रूप से बंद होने के कारण उड़ान भरने के कुछ समय बाद ही दिल्ली लौटना पड़ा।

विमानन कंपनी ने एक बयान में कहा, “ दिल्ली में उतरने पर, घने कोहरे के बीच, विमान को टर्मिनल तक ले जाने के दौरान यह एक वस्तु से टकरा गया, जिसके परिणामस्वरूप उसके दाहिने इंजन को नुकसान पहुंचा।’’

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ रहा है और आशंका जताई जा रही है कि स्थिति सैन्य संघर्ष की ओर बढ़ सकती है।

भाषा

राखी खारी

खारी

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