Indore Contaminated Water: इंदौर जल संकट पर NGT का बड़ा एक्शन, 6 सदस्यीय हाई लेवल कमेटी गठित, कहा- दूषित जल ‘अनुच्छेद 21’ का उल्लंघन

Indore Contaminated Water: इंदौर जल संकट पर NGT का बड़ा एक्शन, 6 सदस्यीय हाई लेवल कमेटी गठित, कहा- दूषित जल ‘अनुच्छेद 21’ का उल्लंघन

Indore Contaminated Water: इंदौर जल संकट पर NGT का बड़ा एक्शन, 6 सदस्यीय हाई लेवल कमेटी गठित, कहा- दूषित जल ‘अनुच्छेद 21’ का उल्लंघन

Indore Contaminated Water/Image Source: IBC24 File

Modified Date: January 15, 2026 / 08:28 pm IST
Published Date: January 15, 2026 8:26 pm IST
HIGHLIGHTS
  • इंदौर जल संकट पर NGT एक्शन मोड में,
  • 6 सदस्यीय समिति बनाएगी रिपोर्ट
  • पानी को बताया जीवन का अधिकार

भोपाल: Indore Contaminated Water:  इंदौर में दूषित पानी की आपूर्ति से जुड़े मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। एनजीटी ने इस मामले की गहन जांच के लिए 6 सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है जो 6 सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

इंदौर दूषित पानी मामले में NGT की सख्ती (NGT Indore water issue)

Indore Contaminated Water:  यह आदेश याचिकाकर्ता कमल कुमार राठी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया। एनजीटी ने साफ तौर पर कहा है कि दूषित पानी की आपूर्ति संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन के अधिकार) का उल्लंघन है और इसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। एनजीटी ने इस मामले को गंभीर मानते हुए मध्यप्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टरों और नगर निगम आयुक्तों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं, ताकि राज्यभर में पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।

6 सदस्यीय हाई लेवल कमेटी गठित (Indore polluted drinking water)

Indore Contaminated Water:  एनजीटी द्वारा गठित 6 सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति में आईआईटी इंदौर के निदेशक द्वारा नामांकित विशेषज्ञ, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB), भोपाल के प्रतिनिधि, प्रमुख सचिव, पर्यावरण विभाग, मध्यप्रदेश शासन, प्रमुख सचिव, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, म.प्र. शासन, जल संसाधन विभाग के प्रतिनिधि, मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPPCB) के प्रतिनिधि (नोडल एजेंसी) शामिल है। समिति दूषित पानी की आपूर्ति के कारणों, जिम्मेदार एजेंसियों और इससे हो रहे पर्यावरण व स्वास्थ्य संबंधी प्रभावों की जांच करेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

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लेखक के बारे में

टिकेश वर्मा- जमीनी पत्रकारिता का भरोसेमंद चेहरा... टिकेश वर्मा यानी अनुभवी और समर्पित पत्रकार.. जिनके पास मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव हैं। राजनीति, जनसरोकार और आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से सरकार से सवाल पूछता हूं। पेशेवर पत्रकारिता के अलावा फिल्में देखना, क्रिकेट खेलना और किताबें पढ़ना मुझे बेहद पसंद है। सादा जीवन, उच्च विचार के मानकों पर खरा उतरते हुए अब आपकी बात प्राथिकता के साथ रखेंगे.. क्योंकि सवाल आपका है।