कॉजपा संसद मार्च : आइसा ने प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई की निंदा की, कहा-प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए

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कॉजपा संसद मार्च : आइसा ने प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई की निंदा की, कहा-प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए

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  • Publish Date - July 20, 2026 / 04:42 PM IST,
    Updated On - July 20, 2026 / 04:42 PM IST

नयी दिल्ली, 20 जुलाई (भाषा) अखिल भारतीय छात्र संघ (आइसा) ने सोमवार को संसद की ओर मार्च निकाल रहे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई की निंदा की और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की अपनी मांग दोहराई।

कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के आह्वान पर बड़ी संख्या में छात्र और प्रदर्शनकारी संसद की ओर मार्च करने निकले। हालांकि, उन्हें संसद परिसर के पास पहुंचने से रोकने के लिए पुलिस ने कई जगहों पर लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े।

आइसा की अध्यक्ष नेहा ने कहा कि आंदोलन में बड़ी संख्या में छात्रों की भागीदारी इसकी सबसे बड़ी सफलता है।

नेहा ने नागरिक समाज के सदस्यों और विपक्षी नेताओं की अपील के बाद सोमवार को 23 दिन लंबा अपना अनशन समाप्त किया।

उन्होंने कहा, “हमारा अनशन 23 दिन तक चला, लेकिन आज सबसे ज्यादा खुशी अनशन खत्म होने को लेकर नहीं हुई; बल्कि यह देखकर हुई कि इतनी बड़ी संख्या में छात्र मार्च के लिए बाहर आए। लंबे समय बाद पहली बार देशभर के छात्र और युवा शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों को लेकर एकजुट हुए हैं।”

नेहा ने कहा, “इसका एक ही मतलब है। हम न तो धर्मेंद्र प्रधान की बात सुनेंगे और न ही इस सरकार की। (प्रधान को) इस्तीफा देना ही होगा।”

उन्होंने पुलिस पर शांतिपूर्ण ढंग से विरोध-प्रदर्शन कर रहे लोगों पर बल प्रयोग करने का आरोप लगाते हुए मार्च पर सरकार की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाए।

नेहा ने कहा, “आज जब हजारों लोग संसद की ओर मार्च कर रहे थे, तब पुलिस ने लाठीचार्ज किया। आखिर इतनी बेरहमी क्यों? लोगों ने आपको हमारी समस्याओं को उठाने के लिए चुना है और जब हम उन्हीं मुद्दों को लेकर आपके पास आते हैं, तो क्या इससे आपके अहं को ठेस पहुंचती है?”

उन्होंने कहा कि सड़कों पर उतरे छात्र केवल अपने लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी संघर्ष कर रहे हैं।

आइसा ने एक बयान में आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई के दौरान कई कार्यकर्ता घायल हुए।

बयान के मुताबिक, आइसा के दिल्ली विश्वविद्यालय के पदाधिकारी रोविन के बाएं हाथ में फ्रैक्चर हुआ है और उन्हें अन्य चोटें भी आई हैं।

इसमें दावा किया गया है कि कई कार्यकर्ताओं की गर्दन, पीठ और हाथ-पैर में चोटें आईं, जबकि एक छात्र के कंधे की हड्डी अपनी जगह से खिसक गई है।

आइसा ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान पुरुष पुलिसकर्मियों ने महिला प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया।

भाषा पारुल नरेश

नरेश