Rani Laxmibai Scooty Yojana | Photo Credit: AI
लखनऊ: Rani Laxmibai Scooty Yojana उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी ‘रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना’ (Rani Laxmibai Scooty Scheme) के प्रस्ताव को मंत्रिमंडल ने मंगलवार को मंजूरी दे दी, जिसके तहत राज्य में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही मेधावी स्नातक छात्राओं को मुफ्त स्कूटी दी जाएगी। यहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक (Yogi Cabinet Meeting Today) में यह फैसला लिया गया। बैठक के बाद लोक भवन के सभागार में राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने पत्रकारों को बताया कि इस योजना में इस वर्ष करीब 50 हजार छात्राएं लाभान्वित होंगी।
Rani Laxmibai Scooty Yojana उपाध्याय ने बताया कि विभाग ने महिला सशक्तिकरण के लिए लड़कियों को उच्च शिक्षा में प्रोत्साहन देने के लिए स्कूटी देने के वास्ते रानी लक्ष्मीबाई योजना (Rani Laxmibai Scooty Scheme) के तहत आये प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। मंत्री के अनुसार, रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत सभी प्रकार के राज्य विश्वविद्यालय, निजी विश्वविद्यालय, राज्य विश्वविद्यालय से सम्बद्ध सभी सरकारी महाविद्यालय, अनुदान प्राप्त महाविद्यालय व स्व वित्त पोषित महाविद्यालयों को इस परिधि में शामिल किया गया है। इसमें उच्च संस्थानों के शैक्षणिक सत्र 2025-26 में उत्तीर्ण समस्त स्नातक छात्राओं में से जो शीर्ष पांच प्रतिशत में शामिल होंगी, उन्हें लाभ मिलेगा।
उन्होंने बताया कि इस योजना का लाभ उन्हें मिलेगा जिनके परिवार की आय सीमा 12 लाख वार्षिक से कम होगी। साथ ही छात्राओं को ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना अनिवार्य होगा। मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसमें यह भी व्यवस्था की है कि दिव्यांगजन, निराश्रित परिवार और शहीद परिवार की बच्चियों को भी मुफ़्त स्कूटी दी जाएगी और उनके लिए मेरिट की कोई बाध्यता नहीं होगी। एक सवाल के जवाब में मंत्री ने बताया कि स्कूटी की खरीद चयन प्रक्रिया के तहत की जाएगी, जिसके लिए पोर्टल पर प्रस्ताव आमंत्रित किये जाएंगे, जिनका अवलोकन मंत्रिमंडल करेगा।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को परिवहन संबंधी समस्याओं से राहत देकर उच्च शिक्षा जारी रखने के लिए प्रेरित करना है। इस पहल का उद्देश्य महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना, उच्च शिक्षा में छात्राओं की भागीदारी बढ़ाना तथा सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराना है।