दिल्ली में प्रदर्शन पर टिप्पणी को लेकर एआईएसएफ का राजनीतिक पर्यवेक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग

दिल्ली में प्रदर्शन पर टिप्पणी को लेकर एआईएसएफ का राजनीतिक पर्यवेक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग

दिल्ली में प्रदर्शन पर टिप्पणी को लेकर एआईएसएफ का राजनीतिक पर्यवेक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग
Modified Date: July 27, 2026 / 10:18 pm IST
Published Date: July 27, 2026 10:18 pm IST

तिरुवनंतपुरम, 27 जुलाई (भाषा) भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) से संबद्ध छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ) ने सोमवार को दक्षिणपंथी राजनीतिक पर्यवेक्षक टी. जी. मोहनदास के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि दिल्ली में नीट प्रश्नपत्र लीक को लेकर हुए हालिया छात्र आंदोलन पर उनकी टिप्पणी हिंसा भड़काने वाली है और उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जानी चाहिए।

राज्य पुलिस प्रमुख को सौंपी गई शिकायत में एआईएसएफ ने आरोप लगाया कि मोहनदास ने छात्र प्रदर्शनकारियों को “गोली मार देने” की बात कही, जो हिंसा और सामूहिक हत्या के लिए उकसाने के समान है।

संगठन का आरोप है कि कथित आपत्तिजनक टिप्पणी नीट में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों के प्रदर्शन पर चर्चा के दौरान एक यूट्यूब चैनल पर की गई।

इस बीच, पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने भी मोहनदास की टिप्पणी की कड़ी निंदा करते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

एआईएसएफ ने आरोप लगाया कि इस तरह की टिप्पणी को राजनीतिक विचारों की अभिव्यक्ति नहीं माना जा सकता, बल्कि यह संवैधानिक मूल्यों, कानून के शासन और शांतिपूर्ण विरोध के लोकतांत्रिक अधिकार को सीधी चुनौती है।

पिनराई विजयन ने मोहनदास पर निशाना साधा और विरोध प्रदर्शन समाप्त होने के बाद भी दक्षिणपंथी राजनीतिक टिप्पणीकार की टिप्पणियों को संघ परिवार की ताकतों द्वारा नफरत फैलाने की “सोची-समझी कोशिश” बताया।

भाषा

शुभम प्रशांत

प्रशांत


लेखक के बारे में