अकाली नेताओं ने ओलावृष्टि से हुए फसल नुकसान के वास्ते क्षतिपूर्ति की मांग की
अकाली नेताओं ने ओलावृष्टि से हुए फसल नुकसान के वास्ते क्षतिपूर्ति की मांग की
(फाइल फोटो के साथ)
चंडीगढ़, छह अप्रैल (भाषा) शिरोमणि अकाली दल (शिअद) की वरिष्ठ नेता और बठिंडा की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने सोमवार को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से ओलावृष्टि से खड़ी गेहूं की फसल को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए पंजाब में एक विशेष टीम भेजने अनुरोध किया।
हरसिमरत ने केंद्रीय कृषि मंत्री से प्रभावित किसानों के लिए विशेष मुआवजा पैकेज जारी करने का भी आग्रह किया।
दूसरी ओर, अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने राज्य सरकार से प्रति एकड़ 50,000 रुपये के तत्काल मुआवजे की मांग की।
बठिंडा की सांसद ने केंद्रीय कृषि मंत्री को पत्र लिखकर उनसे प्रभावित किसानों द्वारा सहकारी समितियों से लिए गए ऋणों पर एक वर्ष के लिए ब्याज स्थगित करने के निर्देश जारी करने के साथ-साथ इन किसानों को रियायती दरों पर उर्वरक उपलब्ध कराने की भी अपील की।
उन्होंने कहा, ‘‘इससे प्रभावित किसानों को फिर से अपने पैरों पर खड़े होने में काफी मदद मिलेगी।’’
हरसिमरत ने बताया कि तीन दिन पहले पंजाब के बड़े हिस्से में बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाएं चली थीं।
उन्होंने बताया कि इससे कई हजार एकड़ में फैली गेहूं की फसल बर्बाद हो गई और यहां तक कि दानों को भी नुकसान पहुंचा, जिससे फसल कटाई के लायक नहीं रही।
उन्होंने कहा कि मालवा क्षेत्र के बठिंडा, मानसा, फाजिल्का, मोगा और श्री मुक्तसर साहिब के कुछ हिस्सों में हुयी ओलावृष्टि ने अमृतसर, तरन तारन, होशियारपुर और फतेहगढ़ साहिब के कुछ हिस्सों को भी प्रभावित किया।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, “ओलावृष्टि ने बड़े भूभाग पर गेहूं की फसल को नष्ट करने के अलावा कई स्थानों पर मक्के की फसल को भी नुकसान पहुंचाया है।”
केंद्र से मदद की गुहार लगाते हुए शिअद सांसद ने कहा कि राज्य के किसान घोर निराशा में हैं क्योंकि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने उन्हें “ (उनके हाल पर) छोड़ दिया” है।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने गेहूं की फसल को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए कोई सर्वेक्षण नहीं कराया, न ही किसानों को कोई मुआवजा दिया या उसकी घोषणा की।
अकाली नेता मजीठिया ने कहा कि ओलावृष्टि ने ‘किसानों की कमर तोड़ दी है, लेकिन सरकार की नींद नहीं उड़ाई है’ और राहत पहुंचाने में तत्परता की कमी का आरोप लगाया।
भाषा
राजकुमार रंजन
रंजन

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