विरोध प्रदर्शन के दौरान एसएफआई कार्यकर्ताओं पर उस्तरे से हमला करने के आरोप बेबुनियाद: चेन्निथला

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विरोध प्रदर्शन के दौरान एसएफआई कार्यकर्ताओं पर उस्तरे से हमला करने के आरोप बेबुनियाद: चेन्निथला

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  • Publish Date - June 25, 2026 / 03:25 PM IST,
    Updated On - June 25, 2026 / 03:25 PM IST

कोच्चि, 25 जून (भाषा) केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने हाल ही में तिरुवनंतपुरम में सचिवालय तक निकाले गये विरोध मार्च के दौरान पुलिसकर्मियों द्वारा एसएफआई कार्यकर्ताओं पर हमला करने के लिए उस्तरे का इस्तेमाल किये जाने के आरोपों को बृहस्पतिवार को सिरे से खारिज कर दिया।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के छात्र संगठन स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) ने बुधवार को विरोध प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने विभिन्न कॉलेजों में पाठ्यक्रमों की फीस बढ़ा दी है।

विरोध प्रदर्शन के दौरान एसएफआई के कई कार्यकर्ता घायल हो गए।

संगठन ने आरोप लगाया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ उस्तरे का इस्तेमाल किया।

कार्यकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि ये उस्तरे अवरोधक लगाने के लिए इस्तेमाल होने वाली रस्सियों को काटने के लिए लाए गए थे।

चेन्निथला ने यहां पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए आरोपों को खारिज किया और कहा कि इस बात की जांच के आदेश दिए गए हैं कि उस्तरे कौन लाया था, जिनका इस्तेमाल जाहिर तौर पर पुलिसकर्मियों पर हमला करने के लिए किया जाना था।

उन्होंने कहा, “जब पुलिसकर्मियों के पास लाठियां होती हैं, तो उनके लिए ब्लेड का इस्तेमाल करना मुमकिन नहीं है। हम जांच करेंगे कि ब्लेड कौन लाया था। इसके लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं।”

मंत्री ने कहा कि उस्तरा लाने वाले लोगों की पहचान की जाएगी और उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।

चेन्निथला ने कहा कि वह भी छात्र राजनीति से ही आए हैं, लेकिन विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्होंने कभी ऐसे तरीकों का इस्तेमाल नहीं किया।

उन्होंने कहा, ‘‘सैकड़ों उस्तरे लाए गए थे और पुलिसकर्मियों पर हमला किया गया। पुलिस पर कोई भी हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हम उन लोगों की पहचान कर रहे हैं जो ब्लेड लाए थे और उन्हें कानून के दायरे में लाया जाएगा।’’

माकपा नेताओं ने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उस्तरे का इस्तेमाल कर एसएफआई कार्यकर्ताओं पर हमला किया, जिससे कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए।

भाषा जितेंद्र शफीक

शफीक